
Twisha Sharma Case: ग्लैमर की दुनिया से कॉर्पोरेट जगत में कदम रखने वाली ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत का मामला अब एक बेहद संवेदनशील और खौफनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 12 मई की रात भोपाल में अपने ससुराल की छत पर फंदे से लटकी मिली 33 वर्षीय ट्विशा का शव पिछले 8 दिनों से AIIMS भोपाल की मोर्चरी में रखा हुआ है। इंसाफ की मांग को लेकर अड़े परिजनों ने दोबारा पोस्टमॉर्टम (PM-2) होने तक शव लेने से साफ इनकार कर दिया था। लेकिन अब, भोपाल पुलिस ने मृतका के परिवार को एक ऐसी चिट्ठी लिखी है जिसने इस पूरे मामले में सनसनी और दर्द को कई गुना बढ़ा दिया है।
भोपाल पुलिस ने ट्विशा के बेबस माता-पिता को पत्र लिखकर तुरंत शव ले जाने और अंतिम संस्कार करने को कहा है। पुलिस ने पत्र में लिखा, "ट्विशा का शव लंबे समय से मोर्चरी में रखा हुआ है और इसके सड़ने की बहुत ज़्यादा संभावना है। इसलिए, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया शव लेने की व्यवस्था करें।" इस पत्र के पीछे पुलिस ने एक तकनीकी लाचारी का हवाला दिया है। पुलिस के मुताबिक, वर्तमान में शव AIIMS भोपाल की मोर्चरी में -4 डिग्री सेल्सियस पर रखा गया है। लेकिन शव को लंबे समय तक सड़ने से बचाने के लिए -80 डिग्री सेल्सियस के तापमान की ज़रूरत होती है, और यह आधुनिक सुविधा AIIMS भोपाल में उपलब्ध नहीं है। हालांकि, पुलिस ने यह भी साफ किया है कि उन्हें दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन शव को इस हालत में ज्यादा दिन नहीं रखा जा सकता।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस हाई-प्रोफाइल मौत के पीछे किसी गहरी साजिश की बू आने लगी है। AIIMS भोपाल की शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने आत्महत्या के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विशा शर्मा के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं।
इससे भी ज्यादा चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि जांच अधिकारी ने पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों के सामने वह नायलॉन बेल्ट पेश ही नहीं की, जिससे कथित तौर पर फांसी लगाई गई थी। बेल्ट न होने के कारण मेडिकल टीम महिला की गर्दन पर मिले निशानों का वैज्ञानिक मिलान नहीं कर पाई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की इस भारी चूक से सबसे अहम भौतिक सबूत की प्रमाणिकता को जानबूझकर नष्ट करने का प्रयास किया गया है।
इस पूरे मामले को जो बात सबसे ज्यादा संदिग्ध और पेचीदा बनाती है, वह है ट्विशा की गर्दन पर पाए गए दो समानांतर लिगेचर (कसने के) निशान। फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य तौर पर फांसी लगाने पर गर्दन पर एक ही तिरछा निशान बनता है, लेकिन दो समानांतर निशानों ने इस आशंका को प्रबल कर दिया है कि कहीं ट्विशा का गला घोंटकर उसे फंदे पर तो नहीं लटकाया गया? ट्विशा के दुखी पिता नवनिधि शर्मा ने गुस्से और दर्द के साथ आरोप लगाया कि जो मेडिकल रिपोर्ट परिवार को दिखाई गई है, वह घटनास्थल के भौतिक सबूतों से बिल्कुल मेल नहीं खाती। भारी अंतर और विरोधाभासों को देखते हुए पिता ने सवाल उठाया, "जब पूरी जांच ही इतनी संदिग्ध लग रही है, तो हम अपनी बेटी की लाश को इस अधूरे सच के साथ कैसे स्वीकार कर लें?"
इस बीच, ट्विशा और उनकी माँ रेखा शर्मा के बीच हुई आखिरी WhatsApp चैट भी सामने आ चुकी है। इन चैट्स से साफ जाहिर होता है कि शादी के महज पांच महीनों के भीतर ही ट्विशा इस रिश्ते में बुरी तरह "फंसा हुआ" महसूस कर रही थीं। उन्हें उनके एडवोकेट पति समर्थ सिंह और पूर्व जज सास की तरफ से गंभीर मानसिक प्रताड़ना, शारीरिक शोषण और दहेज के लिए टॉर्चर किया जा रहा था।
फिलहाल, पीड़ित परिवार ने मांग की है कि देश के किसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान से स्वतंत्र मेडिकल राय ली जाए ताकि जांच पर जनता का भरोसा बना रहे। उधर, मामले का मुख्य आरोपी और मृतका का वकील पति समर्थ सिंह अब भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 10,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस की यह 'डेडलाइन' ट्विशा के परिवार को बिना इंसाफ के अंतिम संस्कार करने पर मजबूर कर देगी, या फिर इस सड़ते हुए शरीर के पीछे छिपा खौफनाक सच दुनिया के सामने आएगा।
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