
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब लोकलुभावन राजनीति से आगे बढ़कर दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती की दिशा में काम कर रहा है। राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण, 2026-27 का बजट और राज्यपाल के अभिभाषण पर मुख्यमंत्री की चर्चा- इन तीनों को एक साथ देखें तो सरकार की समग्र विकास दृष्टि साफ दिखाई देती है। सरकार का लक्ष्य क्षमता वृद्धि, पूंजी निर्माण और स्थायी आर्थिक विकास को प्राथमिकता देना है।
राज्य सरकार द्वारा पहली बार प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण यह संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था स्थिर और मजबूत स्थिति में है। यही मजबूती पूंजीगत व्यय बढ़ाने का आधार बन रही है। जब किसी राज्य की आर्थिक स्थिति संतुलित होती है, तब वह विकास के बड़े और दीर्घकालिक प्रोजेक्ट पर निवेश कर सकता है। यूपी सरकार अब उसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
2026-27 के बजट में स्पष्ट रूप से पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) पर जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य अल्पकालिक लाभ देने के बजाय ऐसे प्रोजेक्ट्स पर खर्च करना है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश की उत्पादक क्षमता को बढ़ाएं। इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने वाली योजनाएं इसी सोच का हिस्सा हैं। यह बजट संकेत देता है कि यूपी अब दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति पर काम कर रहा है।
प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार, नए हवाई अड्डों का निर्माण, लॉजिस्टिक पार्क और औद्योगिक कॉरिडोर का विकास निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रहा है। मजबूत आधारभूत ढांचा (Infrastructure) किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ होता है। यही कारण है कि निवेशक उत्तर प्रदेश को एक स्थिर और संभावनाओं वाले राज्य के रूप में देख रहे हैं।
डा. शरद कोहली के अनुसार, यह बजट सकारात्मक सोच वाला है और इसमें विकास की मजबूत नींव दिखाई देती है।
आर्थिक सर्वेक्षण और बजट दोनों यह दर्शाते हैं कि सरकार राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास दर को स्थिर रखना चाहती है। पूंजीगत व्यय पर स्पष्ट फोकस यह संकेत देता है कि सरकार संरचनात्मक परिवर्तन की दिशा में काम कर रही है। सड़क, एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक कॉरिडोर, सिंचाई और ऊर्जा क्षेत्रों में बड़े आवंटन इसी दिशा को दर्शाते हैं।
प्रो. मेनका सिंह के अनुसार, सरकार वेलफेयर योजनाओं के साथ-साथ क्षमता निर्माण और पूंजी निवेश पर संतुलित ध्यान दे रही है, जिससे बिजनेस स्टेबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।
उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है और 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है। प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये तक पहुंचना और आगे 1,20,000 रुपये तक जाने का अनुमान विकास की दिशा को मजबूत करता है। लगभग 6 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से बाहर आना और बेरोजगारी दर का 2.24 प्रतिशत तक घटना यह दिखाता है कि विकास का लाभ समाज के निचले वर्ग तक पहुंच रहा है।
प्रो. हिमांशु के अनुसार, 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का क्रियान्वयन यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश निवेश आधारित और भविष्य उन्मुख अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है।
9,12,696.35 करोड़ रुपये के बजट में 19.5 प्रतिशत पूंजीगत व्यय रखा गया है। राजकोषीय घाटे को 3 प्रतिशत की सीमा में बनाए रखना और ऋण-जीएसडीपी अनुपात को 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन का संकेत है। सरकार का लक्ष्य इसे चरणबद्ध तरीके से 20 प्रतिशत से नीचे लाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों में संतुलित आवंटन यह दिखाता है कि विकास केवल ढांचागत नहीं बल्कि समावेशी भी है।
प्रो. शिरीष मिश्र के अनुसार, यह बजट उत्तर प्रदेश को स्थिर, मजबूत और दीर्घकालिक विकास मॉडल की दिशा में आगे बढ़ाता है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।