
सुबह की सैर हो या बच्चों का स्कूल जाना, आवारा कुत्तों का डर आज कई शहरों में लोगों की रोज़मर्रा की चिंता बन चुका है। बीते कुछ वर्षों में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं ने इस समस्या को केवल नगर निगम तक सीमित न रखकर एक गंभीर जन-सुरक्षा मुद्दा बना दिया है। इसी को देखते हुए योगी सरकार ने अब इस चुनौती से निपटने के लिए ठोस और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
प्रदेश में डॉग बाइट की लगातार सामने आ रही घटनाओं को सरकार ने गंभीरता से लिया है। लखनऊ से लेकर प्रयागराज और अन्य बड़े शहरों तक आम लोग लंबे समय से आवारा कुत्तों की समस्या से जूझ रहे हैं। सरकार का मानना है कि जब तक इस समस्या का समाधान वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से नहीं किया जाएगा, तब तक केवल अस्थायी उपाय कारगर नहीं होंगे। इसी सोच के तहत नगर निगमों और जनपद मुख्यालयों पर डॉग शेल्टर होम और एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
यह भी पढ़ें: लखनऊ वालों के लिए राहत की खबर! अब गोमतीनगर से डालीगंज सिर्फ 5 मिनट में!
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने साफ किया है कि यह पहल केवल कुत्तों को हटाने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुरूप मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से समस्या का समाधान किया जाएगा। सरकार का फोकस दो स्तरों पर है—एक ओर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दूसरी ओर पशु कल्याण के सिद्धांतों का पालन करना। यही वजह है कि एबीसी सेंटर के जरिए नसबंदी और टीकाकरण को प्राथमिकता दी जा रही है।
डॉग शेल्टर होम की स्थापना को लेकर शासन ने अलग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित डीपीआर के अनुसार, एक शेल्टर होम पर लगभग 470 लाख रुपये से लेकर 531 लाख रुपये तक की लागत आने का अनुमान है। इन शेल्टर होम्स में आवारा और बीमार कुत्तों के लिए सुरक्षित आश्रय, पशु चिकित्सा सुविधाएं, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती शामिल होगी। शासन स्तर पर इन डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी भी दी जा चुकी है।
इस योजना को ज़मीन पर उतारने के लिए भूमि चिह्नीकरण की प्रक्रिया भी तेज़ी से चल रही है। प्रयागराज नगर निगम क्षेत्र में ग्राम मऊर उपरहट, तहसील सोरांव में डॉग शेल्टर होम के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। वहीं लखनऊ नगर निगम में भूमि उपलब्धता को लेकर कार्यकारिणी बोर्ड से प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। अन्य नगर निगमों से भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि प्रदेशभर में एक समान व्यवस्था लागू की जा सके।
केवल बड़े शहर ही नहीं, बल्कि जनपद मुख्यालयों पर भी एबीसी सेंटर और शेल्टर होम की स्थापना पर काम तेज़ हो गया है। ललितपुर में 12.182 हेक्टेयर, हरदोई में 0.2 हेक्टेयर, बुलंदशहर में 2000 वर्ग मीटर और फतेहपुर में 0.769 हेक्टेयर भूमि इसके लिए चिन्हित की जा चुकी है। शेष जनपदों से सूचनाएं मिलते ही वहां भी परियोजना स्वीकृति और निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर के प्रभावी संचालन से सड़कों पर आवारा कुत्तों की संख्या धीरे-धीरे नियंत्रित की जा सकेगी। इससे डॉग बाइट की घटनाओं में कमी आएगी, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा बढ़ेगी और शहरों में डर का माहौल कम होगा। साथ ही, पशुओं के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार प्रशासनिक मॉडल विकसित होगा, जो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरी योजना सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइंस और पशु कल्याण से जुड़े मानकों के अनुरूप ही लागू की जाएगी। आने वाले समय में इन शेल्टर होम्स और एबीसी सेंटरों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी, ताकि यह व्यवस्था केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तव में जनता को राहत दे सके।
यह भी पढ़ें: यूपी में टॉय पार्क ने खोला औद्योगिक निवेश का नया रास्ता, 143 प्लॉट का आवंटन पूरा
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।