UP कौशल विकास मिशन का बड़ा फैसला, स्किल ट्रेनिंग के साथ युवाओं के लिए रोजाना अखबार पढ़ना जरूरी

Published : Jan 30, 2026, 08:27 PM IST
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सार

यूपी कौशल विकास मिशन ने सभी प्रशिक्षण केंद्रों में दैनिक अखबार पढ़ना अनिवार्य किया है। इसका उद्देश्य युवाओं का सामान्य ज्ञान, आत्मविश्वास और रोजगार क्षमता बढ़ाना है, ताकि वे जागरूक और प्रतिस्पर्धी नागरिक बन सकें।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को केवल कौशल सिखाने तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी नागरिक बनाने के लिए नए प्रयोग कर रही है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए प्रदेश के सभी अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में दैनिक समाचार-पत्र पढ़ना अनिवार्य कर दिया है।

प्रदेश के 75 जिलों में चल रहे 800 से अधिक प्रशिक्षण केंद्रों में वर्तमान में एक लाख से ज्यादा युवा विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब ये प्रशिक्षार्थी तकनीकी कौशल के साथ-साथ देश-दुनिया की खबरों, समसामयिक घटनाओं और सामान्य ज्ञान से भी नियमित रूप से जुड़े रहेंगे।

योगी सरकार की सोच: हुनर के साथ समझ

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के अनुसार सरकार चाहती है कि प्रदेश का युवा तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक परिदृश्य को भी समझे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना, आत्मविश्वास मजबूत करना, संवाद कौशल विकसित करना और विश्लेषणात्मक सोच को बढ़ावा देना है, ताकि वे प्रतियोगी माहौल में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

हर कक्षा की शुरुआत अब खबरों से

नए निर्देशों के मुताबिक स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना और प्रोजेक्ट प्रवीण सहित सभी योजनाओं के बैचों में कक्षा की शुरुआत अखबार पढ़ने से होगी। प्रशिक्षण प्रदाताओं (TP) और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन एजेंसियों (PIA) को हर केंद्र पर रोज कम से कम एक हिंदी और एक अंग्रेजी समाचार-पत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है।

सॉफ्ट स्किल्स और सामान्य ज्ञान को मिलेगा लाभ

मिशन का मानना है कि नियमित समाचार-पत्र पढ़ने से युवाओं का सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स मजबूत होगा, जो सरकारी और निजी नौकरियों के लिए जरूरी है। संपादकीय लेखों से भाषा, शब्दावली और अभिव्यक्ति में सुधार होगा। समाचारों के विश्लेषण से समालोचनात्मक सोच विकसित होगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। वहीं पहेलियां, सांस्कृतिक लेख और प्रेरक सामग्री छात्रों में धैर्य, एकाग्रता और संवेदनशीलता जैसे गुणों को बढ़ाएगी।

सख्त निगरानी और तत्काल अमल

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जिला समन्वयक, एमआईएस मैनेजर, डीपीएम और बीपीएम को निर्देश दिया गया है कि वे मासिक निरीक्षण के दौरान इस गतिविधि की समीक्षा करें और अपनी रिपोर्ट में इसका उल्लेख करें। खास बात यह है कि इस पहल के लिए अलग से कोई बजट नहीं दिया जाएगा, बल्कि इसे प्रशिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा माना गया है।

जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में पहल

मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, योगी सरकार कौशल विकास को सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं रखना चाहती। समाचार-पत्र पठन को पाठ्यक्रम में शामिल कर युवाओं में जागरूकता, नेतृत्व क्षमता और वैश्विक समझ विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे डिजिटल युग के जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

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