
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अभिभाषण दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में ‘बॉटलनेक स्टेट’ की छवि से निकलकर ‘ब्रेकथ्रू स्टेट’ के रूप में नई पहचान बनाई है। सुशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, आर्थिक मजबूती, कृषि विकास, महिला सशक्तिकरण, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याण योजनाओं में राज्य ने ठोस प्रगति की है। यह अभिभाषण सरकार की नीतियों, प्रशासनिक दक्षता और विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा में बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।
राज्यपाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था अब देश में एक मजबूत उदाहरण बन रही है। संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई से प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बना है। आधुनिक तकनीक, मजबूत पुलिस बल, तेज न्याय व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन से निवेश, उद्योग, स्टार्टअप और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं।
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत 35 माफिया और 94 सह-अपराधियों को सजा मिली है। 2 अपराधियों को मृत्युदंड दिया गया है और 267 अपराधी मुठभेड़ों में मारे गए हैं। 977 आरोपियों को एनएसए के तहत निरुद्ध किया गया और ₹4,137 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है।
UP-112 सेवा का रिस्पॉन्स टाइम 25 मिनट 42 सेकंड से घटकर 6 मिनट 51 सेकंड हो गया है। सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने कार्यरत हैं। एटीएस ने 148 आतंकियों को गिरफ्तार किया है और अवैध रूप से रह रहे 146 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ 999 सफल ट्रैप ऑपरेशन किए गए हैं।
2017 के बाद 8 नई फॉरेंसिक लैब स्थापित हुईं और 6 निर्माणाधीन हैं। 2.19 लाख से अधिक पुलिस भर्ती, 1.58 लाख प्रमोशन और 83,122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पुलिस बजट में लगभग 150% वृद्धि हुई है। कारागार सुधारों के तहत नए जेलों का निर्माण और 1,010 बंदियों की समयपूर्व रिहाई हुई। न्याय व्यवस्था मजबूत करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, ई-कोर्ट, लोक अदालत और विधिक जागरूकता शिविरों से मामलों के निपटारे में तेजी आई है।
प्रदेश में 168 विकासखंड मुख्यालयों को डबल-लेन सड़कों से जोड़ा गया है। 1,410 किमी लंबी 161 सड़कों का निर्माण पूरा हुआ। 2025-26 तक 46,600 किमी सड़क सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य है, जिसमें 28,000 किमी का काम पूरा हो चुका है। बेहतर सड़क और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से व्यापार, पर्यटन, उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिला है।
उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन, उत्पादकता और कृषि अर्थव्यवस्था में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खाद्यान्न उत्पादन 557.46 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 737.40 लाख मीट्रिक टन हो गया है। कृषि जीएसडीपी ₹2.96 लाख करोड़ से बढ़कर ₹6.95 लाख करोड़ पहुंच गया है।
बागवानी क्षेत्र 21.40 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 26 लाख हेक्टेयर हो गया है। उत्पादन 3.80 करोड़ मीट्रिक टन से बढ़कर 6 करोड़ मीट्रिक टन हुआ। निर्यात ₹400 करोड़ से बढ़कर ₹1,700 करोड़ पहुंचा। इससे किसानों की आय ₹41,000 करोड़ से बढ़कर ₹1.25 लाख करोड़ हो गई।
2017 के बाद गन्ना किसानों को ₹3.04 लाख करोड़ से अधिक भुगतान हुआ। तीन नई चीनी मिलों से पेराई क्षमता बढ़ी। गन्ना मूल्य ₹30 प्रति क्विंटल बढ़ाया गया और उत्पादकता भी बढ़ी। इससे 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला।
7,497 गो-आश्रय स्थलों में 12.38 लाख गोवंश की देखभाल हो रही है। योजनाओं के तहत 1.81 लाख पशु गोपालकों को दिए गए और ₹1,484 करोड़ से अधिक सहायता DBT से दी गई। इससे ग्रामीण आय और आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
प्रदेश में शहरों को 24 घंटे, तहसीलों को 21 घंटे और गांवों को 19 घंटे बिजली दी जा रही है। 59.83 लाख स्मार्ट मीटर लगे हैं और 37.45 लाख पुराने मीटर बदले गए हैं। पिछले 6 वर्षों में बिजली दर नहीं बढ़ाई गई।
2017 के बाद 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए और वनावरण 9.96% तक पहुंचा। खनन सुधारों से ₹28,920 करोड़ राजस्व मिला, जो पहले से काफी अधिक है।
रोडवेज की 13,621 बसों ने 37 करोड़ यात्रियों को सेवा दी और ₹3,810 करोड़ राजस्व अर्जित किया। स्वयं सहायता समूहों से महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार हुआ।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 36.37 लाख घर बने। ई-श्रम पोर्टल पर 8.51 करोड़ श्रमिक पंजीकृत हैं। आरक्षण और वित्तीय सहायता योजनाओं से सामाजिक न्याय को मजबूती मिली है।
प्रदेश में हजारों शिक्षकों की नियुक्ति, स्मार्ट क्लास, ICT लैब, नए विश्वविद्यालय और कॉलेज स्थापित हुए। आकांक्षात्मक जिलों में स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण संकेतकों में सुधार हुआ है।
आबकारी राजस्व ₹14,273 करोड़ से बढ़कर ₹52,573 करोड़ हुआ। डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शी प्रशासन और विकसित भारत की दिशा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश खाद्यान्न, गन्ना, चीनी, दूध, आम और आलू उत्पादन में देश में प्रथम है। पीएम किसान, उज्ज्वला योजना, आवास योजना, MSME, डिजिटल हेल्थ और एथेनॉल उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है।
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