
लखनऊ। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा विधानमंडल में प्रस्तुत पहली आर्थिक समीक्षा के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश का औद्योगिक क्षेत्र तेजी से विकसित हुआ है और अब राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन चुका है। इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उत्पादन, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश लगातार बढ़ा है।
वर्ष 2025 में औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं के तहत करीब ₹4,000 करोड़ की इंसेंटिव राशि निवेशकों को दी गई, जिससे उनका भरोसा और मजबूत हुआ। औद्योगिक गलियारे, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं ने प्रदेश को उद्योगों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया है।
आर्थिक समीक्षा के अनुसार, कारखाना अधिनियम 1948 के तहत पंजीकृत कारखानों की संख्या में दोगुने से अधिक वृद्धि हुई है। 2016-17 में जहां 14,169 कारखाने पंजीकृत थे, वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के नवंबर तक यह संख्या बढ़कर 30,695 हो गई। इसे औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन का बड़ा संकेत माना जा रहा है। वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण की नवीनतम रिपोर्ट में राज्य के उद्योगों के सकल मूल्य वर्धन में पिछले वर्ष की तुलना में 25% वृद्धि दर्ज हुई, जो देश में सबसे अधिक है और राष्ट्रीय औसत 11.9% से काफी ज्यादा है।
निर्यात के मामले में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 2016-17 में राज्य से ₹0.84 लाख करोड़ का निर्यात हुआ था, जो 2024-25 में बढ़कर ₹1.86 लाख करोड़ हो गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के नवंबर तक ही ₹1.31 लाख करोड़ का निर्यात किया जा चुका है।
जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश चौथे स्थान पर रहा, जबकि 2022 में यह सातवें स्थान पर था। लैंडलॉक्ड राज्यों की श्रेणी में प्रदेश पहले स्थान पर रहा, जो बेहतर लॉजिस्टिक्स, निर्यात अवसंरचना और नीतिगत सुधारों का परिणाम माना गया है।
उत्तर प्रदेश निवेश आकर्षित करने में भी आगे बढ़ रहा है। दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में प्रदेश ने ₹2.94 लाख करोड़ से अधिक के निवेश समझौते किए। इन समझौतों में एआई डेटा सेंटर, फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, वेस्ट-टू-एनर्जी और रक्षा निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। भारत सरकार की स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग के पांचवें संस्करण में उत्तर प्रदेश को ‘ए-1 टॉप परफॉर्मर’ श्रेणी में रखा गया है।
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिला है। 2018-19 से दिसंबर 2025 तक ₹890.44 करोड़ की मार्जिन मनी वितरित की गई, जिससे 3.22 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए। सितंबर 2025 में ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में हुए इंटरनेशनल ट्रेड शो में करीब 70 देशों के खरीदार शामिल हुए, जिससे प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक मंच मिला।
आर्थिक समीक्षा के अनुसार, उत्तर प्रदेश अब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से आगे बढ़कर ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेंस मॉडल की ओर बढ़ रहा है। कंप्लायंस रिडक्शन में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। डिरेगुलेशन, निवेश मित्र सिंगल विंडो सिस्टम और भूमि से श्रम तक सुधारों ने पारदर्शी, तेज और निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार किया है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।