
लखनऊ। कभी पानी की कमी और प्यास की राजनीति के लिए चर्चित रहा बुंदेलखंड अब नल से जल आपूर्ति के मामले में नई पहचान बना रहा है। जल जीवन मिशन के तहत ताज़ा आंकड़ों के अनुसार बुंदेलखंड मंडल के सातों जिलों में 98 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण घरों को फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) उपलब्ध कराया जा चुका है। कई जिलों में यह आंकड़ा 99 प्रतिशत के करीब पहुंच गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार इसे ग्रामीण जीवन स्तर में ऐतिहासिक बदलाव का संकेत मान रही है।
बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों में नल से जल योजना के तहत उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है:
पूरे बुंदेलखंड जोन में कुल 7,59,609 ग्रामीण घरों में से 7,58,017 घरों तक नल कनेक्शन पहुंच चुका है, जो लगभग 99.79 प्रतिशत कवरेज दर्शाता है।
वर्ष 2019 से पहले उत्तर प्रदेश में ग्रामीण नल जल कवरेज 2 प्रतिशत से भी कम था। बुंदेलखंड जैसे सूखा प्रभावित क्षेत्र में पाइप से पेयजल मिलना अपवाद माना जाता था। जल जीवन मिशन शुरू होने के बाद बड़े पैमाने पर आधारभूत ढांचे का निर्माण किया गया। ट्यूबवेल, पंप हाउस, ओवरहेड टैंक और व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क तेजी से तैयार किए गए। अब अधिकांश भौतिक संरचना का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सरकार का ध्यान योजनाओं की कमीशनिंग और नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर है।
नल से जल सुविधा का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिला है। पहले दूर-दूर से पानी लाने की मजबूरी थी, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि होती थी। अब घर तक पानी पहुंचने से समय की बचत हो रही है, स्वास्थ्य में सुधार आया है और महिलाएं सामाजिक व आर्थिक गतिविधियों में अधिक भागीदारी कर पा रही हैं।
राज्य सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक शत-प्रतिशत नल कनेक्शन और निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन की यह प्रगति क्षेत्र के लिए एक नई पहचान बना रही है और ग्रामीण विकास के मॉडल के रूप में सामने आ रही है।
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