
दुनिया के कई हिस्सों में जहां कंपनियां कर्मचारी-विरोधी कदम उठा रही हैं, वहीं एक फाउंडर का शेयर किया गया पोस्ट सबका ध्यान खींच रहा है। उन्होंने बताया कि कैसे अपनी एक कर्मचारी को उसकी मां की बीमारी की वजह से एक महीने की सैलरी के साथ छुट्टी दी। पोस्ट में यह भी बताया गया है कि एक महीने बाद जब वह काम पर लौटी, तो और भी ज्यादा एनर्जी के साथ काम करने लगी। सोशल मीडिया ग्रोथ कंपनी Bingelabs के को-फाउंडर दिव्य अग्रवाल ने यह नोट लिंक्डइन पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा, 'पिछले साल, टीम के एक सदस्य को एक महीने की छुट्टी की जरूरत पड़ी। उनकी मां बीमार थीं और उन्हें पूरे समय देखभाल की जरूरत थी।'
कर्मचारी ने कहा था कि वह शाम को काम कर सकती है और काम से जुड़े कॉल भी अटेंड कर लेगी। लेकिन, मैनेजमेंट ने उनसे कहा कि वे पूरे एक महीने की छुट्टी ले लें। इतना ही नहीं, उन्हें यह भी बताया गया कि पूरे महीने की सैलरी भी दी जाएगी। यह सुनकर कर्मचारी हैरान रह गई। दिव्य अग्रवाल बताते हैं कि इस फैसले की वजह से उनके दो प्रोजेक्ट्स में देरी हुई। लेकिन, जब वह कर्मचारी एक महीने बाद काम पर वापस आई, तो उसने इस साल कंपनी के कुछ सबसे बेहतरीन काम किए। पोस्ट में आगे लिखा है कि उसने यह किसी एहसान की वजह से नहीं किया, बल्कि इसलिए किया क्योंकि उसे एहसास हुआ कि कंपनी ने सिर्फ कहने के लिए उसका साथ नहीं दिया, बल्कि सच में उसका ख्याल रखा।
इस पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट्स किए हैं। ज्यादातर कमेंट्स में दिव्य अग्रवाल की तारीफ की गई है। लोगों का कहना है कि कई भारतीय कंपनियों को यह पता ही नहीं है कि वर्क-लाइफ बैलेंस क्या होता है। कुछ कंपनियां तो ऐसी हैं जो कर्मचारियों के बीमार होने पर भी छुट्टी नहीं देतीं। ऐसी कंपनियों के बीच, इस तरह का अलग अनुभव बताने वाला यह पोस्ट बहुत तेजी से वायरल हो गया।
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