
New IB Director In India: भारत की सबसे शक्तिशाली और रहस्यमयी आंतरिक खुफिया एजेंसी, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के गलियारों में इस वक्त एक बड़े और रणनीतिक बदलाव की गूंज है। केंद्र सरकार ने एक बेहद संवेदनशील फैसला लेते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो के स्पेशल डायरेक्टर महेश दीक्षित को देश का नया खुफिया प्रमुख (DIB) नियुक्त किया है। वर्तमान आईबी डायरेक्टर तपन कुमार डेका आगामी 30 जून 2026 को अपना कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं। 1988 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी तपन डेका जुलाई 2022 से इस शीर्ष पद पर काबिज थे और सरकार उन्हें दो बार सेवा विस्तार भी दे चुकी थी। लेकिन अब, 30 जून की आधी रात को इस महा-एजेंसी की कमान एक ऐसे जांबाज के हाथों में जाने वाली है जिसके नाम मात्र से ही दुश्मनों के खेमे में हलचल मच जाती है।
नए आईबी चीफ बनने जा रहे महेश दीक्षित 1993 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के बेहद कड़क और दूरदर्शी आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं। वर्तमान में वे आईबी में स्पेशल डायरेक्टर के रूप में तैनात थे और तपन डेका के बाद एजेंसी के दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी थे। दीक्षित कोई आम ब्यूरोक्रेट नहीं हैं, बल्कि उन्हें देश के सबसे दुर्गम और अशांत इलाकों में एंटी-टेररिज्म (आतंकवाद विरोधी) और गुप्त खुफिया ऑपरेशनों को अंजाम देने का एक लंबा, व्यावहारिक और खौफनाक अनुभव है। इससे पहले वे जम्मू-कश्मीर में सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) के प्रमुख के रूप में अपनी धाक जमा चुके हैं, जहाँ उन्होंने कई ऐसे ऑपरेशनों को लीड किया जो आज भी आईबी के गुप्त दस्तावेजों में दर्ज हैं।
महेश दीक्षित के करियर का सबसे ऐतिहासिक और टर्निंग पॉइंट साल 2019 का 'मिशन कश्मीर' था। अगस्त 2019 में जब केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का अभूतपूर्व फैसला लिया, तब इस संवेदनशील कदम से ठीक पहले सुरक्षा तैयारियों और खुफिया चक्रव्यूह को बुनने वाले टॉप अधिकारियों में महेश दीक्षित सबसे आगे थे। उन्होंने इस ऐतिहासिक फैसले से पैदा होने वाले सुरक्षा प्रभावों का न केवल सटीक आकलन किया, बल्कि घाटी में खून की एक बूंद भी बहे बिना कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अचूक रणनीति तैयार की। राज्य के पुनर्गठन के बाद, उन्हें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की अत्यंत महत्वपूर्ण खुफिया जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जहाँ उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के साथ-साथ स्थानीय जनता का भरोसा बहाल करने में भी अभूतपूर्व योगदान दिया।
महेश दीक्षित की रणनीतिक क्षमता का लोहा तब पूरी दुनिया ने माना, जब साल 2023 में श्रीनगर के संवेदनशील माहौल में 'G20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप' की हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कई देशों के विदेशी राजनयिक और प्रतिनिधिमंडल कश्मीर पहुंचे थे, जो पूरी दुनिया के सामने भारत की साख का सवाल था। दीक्षित ने अपनी खुफिया टीम के साथ मिलकर जमीनी हालात का ऐसा अचूक और सटीक आकलन पेश किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का भरोसा कई गुना बढ़ गया। पाकिस्तान और अलगाववादी ताकतों द्वारा फैलाए जा रहे फर्जी प्रचार और अंतरराष्ट्रीय दुष्प्रचार को नेस्तनाबूद करने में उनकी भूमिका सबसे निर्णायक मानी जाती है।
इंटेलिजेंस ब्यूरो भारत की सबसे पुरानी आंतरिक खुफिया एजेंसी है, जिसकी स्थापना वर्ष 1887 में हुई थी। आजादी (1947) के बाद इसे भारत की केंद्रीय घरेलू खुफिया एजेंसी के रूप में पुनर्गठित किया गया। यह गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है और इसका प्रमुख डायरेक्टर, इंटेलिजेंस ब्यूरो (DIB) होता है। IB का मुख्य काम देश के भीतर आतंकवादी गतिविधियों, जासूसी नेटवर्क, अलगाववाद, उग्रवाद, नक्सलवाद, सांप्रदायिक तनाव, साइबर खतरों और वीआईपी सुरक्षा से जुड़े इनपुट जुटाकर सरकार को समय रहते अलर्ट करना है। बड़े चुनावों, अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और संवेदनशील घटनाओं के दौरान भी एजेंसी सुरक्षा आकलन तैयार करती है।
अब, जब महेश दीक्षित अगले दो साल के लिए इस एजेंसी के डायरेक्टर का पद संभालने जा रहे हैं, तो उनके सामने चुनौतियां भी बेहद आधुनिक और खतरनाक हैं। बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के बीच, देश की वीआईपी सुरक्षा को अभेद्य बनाए रखना, सीमा पार से होने वाले साइबर हमलों को नाकाम करना और सोशल मीडिया पर देश विरोधी फर्जी प्रचार (फर्जी नैरेटिव) को रोकना उनके गुप्त मिशन का सबसे अहम हिस्सा होने वाला है। पूरा देश अब यह देखने को उत्सुक है कि देश का यह नया कमांडर भारत की आंतरिक सुरक्षा को किस ऊंचे स्तर पर ले जाता है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।