
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि रूस और चीन आखिर चुप क्यों हैं? दोनों देशों ने ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या की निंदा तो की, लेकिन सीधे सैन्य या रणनीतिक समर्थन से दूरी बनाए रखी। वे लगातार संवाद और कूटनीति की बात कर रहे हैं। क्या यह उनकी नई रणनीति है? क्या यूक्रेन युद्ध और आर्थिक दबावों के कारण रूस सीमित है? क्या चीन अपने वैश्विक व्यापार हितों को प्राथमिकता दे रहा है? और सीरिया व वेनेजुएला में पहले मिले अनुभवों से क्या सबक लिया गया है?