बीते कुछ दिनों में आपने यूजीसी के नए नियम को लेकर जरूर सुना होगा। सोशल मीडिया से लेकर चाय की टपरी तक हर जगह इसकी चर्चा जोरों शोरों से हो रही है। यह सुनकर कई लोगों के मन में सवाल खड़ा हो रहा होगा कि आखिर यूजीसी ने ऐसा क्या नया नियम बना दिया है जिसको लेकर बवाल शुरू हो गया है। बवाल ऐसा कि कोई खुलकर तो कोई अपने शब्दों से इसका विरोध कर रहा है। सोशल मीडिया ही नहीं अब तो कई जगह लोग सड़कों और चौराहों पर उतरकर भी इसके खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन ने 15 जनवरी 2026 को पूरे देश में यह नया नियम लागू कर दिया है। इस नियम को लागू करने के पीछे की मंशा है कि कॉलेज औऱ यूनिवर्सिटीज में भेदभाव को खत्म करने की है। यूजीसी सीधे तौर पर चाहता है कि किसी भी छात्र के साथ में उसकी जाति, जेंडर या बैकग्राउंड के आधार पर बुरा बर्ताव या व्यवहार न किया जाए। नियमों में हुए ये नए बदलाव 2012 के पुराने नियमों की जगह लेंगे।