योगी सरकार की सख्ती: माघ मेले में हाई-टेक निगरानी से सुनिश्चित हो रही खाद्य शुद्धता

Published : Jan 27, 2026, 07:40 PM IST
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सार

माघ मेले में 17 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए योगी सरकार ने सख्त खाद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। स्पेशल-17 टीम, फूड सेफ्टी वैन, डिजिटल ऑयल मॉनिटर और ऐप के जरिए पूरे मेले में निगरानी की जा रही है।

लखनऊ। माघ मेले में उमड़े आस्था के विशाल जनसैलाब के बीच श्रद्धालुओं की सुविधाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे मेला क्षेत्र में सख्त और प्रभावी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। मेले में अब तक 17 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को शुद्ध, स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

‘स्पेशल-17’ टीम से पूरे मेला क्षेत्र में निगरानी

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए योगी सरकार ने खाद्य सुरक्षा के लिए ‘स्पेशल-17’ टीम को मैदान में उतारा है। यह टीम पूरे मेला क्षेत्र में दुकानों, भोजनालयों और भंडारा स्थलों का लगातार निरीक्षण और निगरानी कर रही है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

सात जोन में 14 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती

पूरे माघ मेला क्षेत्र को सात जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में 14 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन अधिकारियों की मॉनिटरिंग तीन मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी कर रहे हैं। हर सामुदायिक रसोई, भंडारा स्थल, होटल, दुकान और भोजनालय पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

हाई-टेक निगरानी और मौके पर खाद्य जांच

प्रयागराज माघ मेले में पांच ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ वैन तैनात की गई हैं। इन वैनों के जरिए मौके पर ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। इस पहल से टेस्टिंग, ट्रेनिंग और जागरूकता, तीनों कार्य एक साथ किए जा रहे हैं।

डिजिटल ऑयल मॉनिटर से तेल की गुणवत्ता जांच

खाद्य पदार्थों को तलने में इस्तेमाल होने वाले तेल की गुणवत्ता की जांच के लिए डिजिटल फ्राइंग ऑयल मॉनिटर (DOM) उपकरण का उपयोग किया जा रहा है। इससे एक ही तेल के बार-बार उपयोग को रोका जा रहा है और स्वास्थ्य मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

होटल, ढाबा और रेस्तरां पर सघन निरीक्षण अभियान

मेला क्षेत्र, होटल, ढाबा, रेस्तरां और प्रमुख मार्गों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य कारोबारियों को फूड लाइसेंस, रेट लिस्ट, मास्क, हैंड ग्लव्स और हेड कवर पहनना अनिवार्य किया गया है। श्रद्धालुओं से सम्मानपूर्वक व्यवहार और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली न करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप से पारदर्शी निगरानी

प्रयागराज में सहायक आयुक्त (खाद्य) सुशील कुमार सिंह ने बताया कि पूरे जनपद और मेला क्षेत्र में फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप के लिए क्यूआर कोड लगाए गए हैं। यह क्यूआर कोड फूड सेफ्टी वैन के बाहर भी लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालु आसानी से ऐप डाउनलोड कर सकें और शिकायत या सुझाव दे सकें।

रेट लिस्ट से पारदर्शिता और जागरूकता

मेला क्षेत्र सहित पूरे जनपद की दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से लगवाई गई है। इससे श्रद्धालुओं को खरीदारी से पहले ही कीमत की जानकारी मिल रही है और पारदर्शिता बनी हुई है। सभी प्रमुख मार्गों पर निरीक्षण के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

सेक्टर-3 में शिविर कार्यालय से चप्पे-चप्पे पर नजर

माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-3 में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का शिविर कार्यालय स्थापित किया गया है। पैंफलेट, एलईडी वैन और होर्डिंग्स के माध्यम से खाद्य कारोबारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है।

मिलावट से बचाव और स्वच्छता पर विशेष जोर

एलईडी वैन के माध्यम से श्रद्धालुओं को मिलावट से बचने और सतर्क रहने के संदेश दिए जा रहे हैं। दुकानदारों को पानी और खाद्य पदार्थ ढककर रखने, ढक्कनयुक्त कूड़ेदान के उपयोग और तेल को दो बार से अधिक गर्म न करने जैसे निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।

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