2007 में जीता था पहला पदक, 2020 में मिला नारी शक्ति सम्मान, प्रेरणा से भर देने वाली है मन कौर की कहानी

Published : Mar 08, 2020, 03:13 PM ISTUpdated : Aug 04, 2022, 12:28 PM IST
2007 में जीता था पहला पदक, 2020 में मिला नारी शक्ति सम्मान, प्रेरणा से भर देने वाली है मन कौर की कहानी

सार

महिला सशक्तिकरण में योगदान के लिये 104 साल की धाविका मन कौर को महिला दिवस के मौके पर नारी शक्ति पुरस्कार 2019 से सम्मानित किया गया। उन्होंने 93 साल की उम्र में अपने बेटे के कहने पर दौड़ना शुरू किया था। पहले चंडीगढ़ में उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर रेस में भाग लेकर रिकॉर्ड बनाया और फिर रिकॉर्ड बनते ही चले गए। 

चंडीगढ़. महिला सशक्तिकरण में योगदान के लिये 104 साल की धाविका मन कौर को महिला दिवस के मौके पर नारी शक्ति पुरस्कार 2019 से सम्मानित किया गया। उन्होंने 93 साल की उम्र में अपने बेटे के कहने पर दौड़ना शुरू किया था। पहले चंडीगढ़ में उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर रेस में भाग लेकर रिकॉर्ड बनाया और फिर रिकॉर्ड बनते ही चले गए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार 2019 से सम्मानित किया। महिलाओं के लिये इसे देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है।

उन्होंने 2007 में चंडीगढ़ मास्टर्स एथलेटिक्स मीट में अपना पहला पदक जीता था। वह 2017 में आकलैंड में विश्व मास्टर्स खेलों में 100 मीटर की दौड़ जीतकर सुर्खियों में आयी थी। उनके नाम पर कई रिकार्ड दर्ज है। उन्होंने पोलैंड में विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स में ट्रैक एवं फील्ड में चार स्वर्ण पदक जीते थे।

बेटे के कहने पर दौड़ना शुरू किया 
कौर के 82 वर्षीय पुत्र गुरदेव सिंह भी मास्टर्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं। उन्होंने विदेश जाकर देखा कि वहां 100 साल से ज्यादा उम्र के लोग भी रेस में हिस्सा ले रहे हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी मां को इस बारे में बताया और मन कौर ने दौड़ना शुरू कर दिया। आज भी जब उन्हें नई प्रतियोगिता के बारे में पता चलता है तो वो ज्यादा उत्साहित हो जाती हैं और बार बार पूछती रहती हैं कि अभी कितने दिन बचे हैं। 
 
ये है फिनटेन का राज 
मन कौर अपने खान पान में विशेष ध्यान देती हैं। उनके अनुसार फिट रहने के लिए रोजाना व्यायाम करना बहुत जरूरी है। जंक फूड से बचना चाहिए। मन रोजाना 6 रोटियां खाती हैं और साथ में अंकुरित काले चने और जौ भी खाती हैं। इसके अलावा सोया मिल्क और फल भी उनकी डाइट का हिस्सा हैं। अपनी फिटनेस के लिए मन कौर रोज सुबह सैर करती हैं फिर 2 बार 100 मीटर और 4 बार 30 मीटर की रेस करती हैं। इसके बाद वो जॉगिंग करती हैं। 

अब इंडोर चैंपियनशिप का लक्ष्य 
मन कौर अब पोलैंड में होने वाली वर्ल्ड मास्टर्स एथेलेटिक्स चैंपियनशिप की तैयारियों में जुट गई हैं। यहां वो 60 मीटर और 200 मीटर की रेस में भाग लेंगी। ट्रेनिंग के सिलिसिले में वो फिलहाल पटियाला में समय व्यतीत कर रही हैं। मन कौर दौड़ने के अलावा भाला भी फेंकती हैं। 

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