Thomas Cup: भारत ने फाइनल में इंडोनेशिया को 3-0 से हराया, पहली बार थॉमस कप किया अपने नाम

Published : May 15, 2022, 02:46 PM ISTUpdated : May 15, 2022, 03:45 PM IST
Thomas Cup: भारत ने फाइनल में इंडोनेशिया को 3-0 से हराया, पहली बार थॉमस कप किया अपने नाम

सार

बैंकॉक में हो रहे थॉमस कम 2022 (Thomas Cup 2022)  के फाइनल मुकाबले में भारत ने इंडोनेशिया पर 3-0 से हरा दिया है। इसके साथ ही भारत ने पहली बार थॉमस कप जीत लिया है।

बैंकॉक। बैंकॉक में हो रहे थॉमस कम 2022 (Thomas Cup 2022)  के फाइनल मुकाबले में भारत ने इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर इतिहास रच दिया है। भारत ने पहली बार थॉमस कम को अपने नाम किया है।  किदांबी श्रीकांत, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी व लक्ष्य सेन ने अपने मैच जीते, जिससे भारत ने फाइनल में 14 बार के चैंपियन इंडोनेशिया को 3-0 से हरा दिया।

बैंकॉक के इम्पैक्ट एरिना में खेले जा रहे खिताबी मुकाबले में  भारत ने 3-0 से जीत दर्ज की। पहला मैच लक्ष्य सेन ने जीता। रोमांचक मुकाबले में उन्होंने एंथोनी सिनिसुका को 8-21,21-17 और 21-16 से हरा दिया। दूसरा मुकाबला डबल्स में सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने जीता। दोनों ने इंडोनेशिया के खिलाड़ियों को 18-21, 23-21 और 21-19 से हरा दिया। उन्होंने केविन संजय और मोहम्मद अहसान की उच्च रैंकिंग वाली इंडोनेशिया की जोड़ी को हराया है।

तीसरा मैच सिंगल्स में कितांबी श्रीकांत और जोनाथन क्रिस्टी के बीच खेला गया। किदांबी श्रीकांत ने जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेम में हराया। अंत में थोड़ी घबराहट थी, लेकिन उन्होंने अपने सारे अनुभव का इस्तेमाल स्वर्ण पदक घर लाने के लिए किया। श्रीकांत ने तीसरा मैच 21-17, 23-21 से जीतकर भारत के लिए 3-0 से जीत दर्ज की।

प्रधानमंत्री ने दी बधाई
थॉमस कप जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय टीम को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट किया, "भारतीय बैडमिंटन टीम ने इतिहास रचा है। भारत के थॉमस कप जीतने से पूरा देश उत्साहित है। हमारी कुशल टीम को बधाई और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं। यह जीत कई आगामी खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी।"

 

 

पुलेला गोपीचंद ने कहा- जादुई है यह जीत
श्रीकांत की जीत के तुरंत बाद एशियानेट न्यूज से बात करते हुए मुख्य राष्ट्रीय कोच और बीएआई के उपाध्यक्ष पुलेला गोपीचंद ने कहा कि यह जीत वास्तव में बहुत बड़ा और जादुई है। यह भारत के 1983 में क्रिकेट विश्व कप जीतने जैसा या इससे भी बड़ा है। बैडमिंटन और थॉमस कप में इंडोनेशिया की बहुत बड़ी प्रतिष्ठा और विरासत है। उन्हें हराना दर्शाता है कि हम विश्व स्तर पर पहुंच गए हैं।

पुलेला गोपीचंद ने कहा कि अब तक हम महिला पावरहाउस के रूप में जाने जाते थे, जिसमें साइना और सिंधु का दबदबा था, लेकिन अब हमारे लड़कों ने भी उनके आने की घोषणा कर दी है। मुझे उम्मीद है कि इससे अधिक माता-पिता अपने बच्चों को खेल के लिए प्रोत्साहित करेंगे। जब मैं देश भर में यात्रा करता हूं तो मैं इसे पहले से ही देख सकता हूं। ऐसी कई अकादमियां हैं जो युवाओं को इस तरह से प्रशिक्षित करने की कोशिश कर रही हैं जो अभी तक सही नहीं है, लेकिन कम से कम व्यवस्थित प्रयास तो किया जा रहा है। हम बीएआई में इस गति को बनाने के लिए और अधिक प्रयास करेंगे। मैं वर्षों से अविश्वसनीय समर्थन के लिए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं।

पहली बार फाइनल में पहुंचा था भारत
भारतीय टीम ने  थॉमस कप बैडमिंटन में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। भारत ने मलेशिया और डेनमार्क को हराकर पहली बार फाइनल में जगह बनाई थी। भारत के पास खिताब जीतकर इतिहास रचने का सुनहरा अवसर था। टूर्नामेंट के 73 साल के इतिहास में भारत पहली बार फाइनल में पहुंचा और जीत भी दर्ज की। इस प्रतियोगिता के मुकाबले बेस्ट ऑफ फाइव फॉर्मेट में होते हैं। फाइनल में पहुंचने वाले दो देशों की टीमों को आपस में पांच मैच खेलने होते है। इसमें तीन सिंगल्स और दो डबल्स मैच होते हैं। कम से कम तीन मैच जीतने वाली टीम विजेता बनती है।

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