
गंगा सागर (पश्चिम बंगाल), कपिल मुनि मंदिर के महंत ज्ञान दास ने विवादित संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) की यह कहते हुए आलोचना की कि ‘‘मानवता ही धर्म है’’। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के गंगा सागर स्थित मंदिर के मुख्य पुजारी ने पत्रकारों से कहा कि धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।
दास ने कहा- मानवता ही सबसे बड़ा धर्म...
उन्होंने कहा, ‘‘ आप भगवान की अलग-अलग तरह से प्रार्थना करते हैं लेकिन मानवता ही धर्म है।’’सीएए के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, ‘‘ (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी और (गृह मंत्री) अमित शाह इसका जवाब दे सकते हैं।’’
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बताया ‘वीरांगना’
वार्षिक गंगा मेले के दौरान उन्होंने कहा कि किसी पर्यटक के साथ उसके धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता। दास ने कहा, ‘‘ मेले में हिंदू, मुस्लिम, ईसाइयों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाता।’’
दास ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘वीरांगना’ बताते हुए कहा कि वह मानवता के लिए काम कर रही हैं। बनर्जी कल सोमवार को मंदिर के दर्शन करने पहुंची थी। दास ने कहा, ‘‘ क्या यहां सिर्फ हिन्दुओं के लिए विकास किया जा रहा है? यह सबके लिए है।’’
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