
पणजी। गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर (Utpal Parrikar) ने शुक्रवार को बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने ऐलान किया है कि वे पणजी विधानसभा (Panaji constituency) क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। बीजेपी ने उन्हें इस सीट से टिकट नहीं दिया था। उत्पल के निर्णय का शिवसेना के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अब पणजी में लड़ाई बेईमानी और चरित्र के बीच होगी।
राउत ने कहा कि मनोहर पर्रिकर ने देश में गोवा का नाम ऊंचा किया है। आज उनके ही बेटे को बीजेपी ने बेइज्जत किया। गोवा की जनता इस अपमान को नहीं भूलेगी। ये लड़ाई अब सीधे तौर पर बेईमानी और चरित्र के बीच हो गई है। राउत ने कहा कि जिस पार्टी में जन्म हुआ, उसको छोड़कर जाने से उत्पल को बहुत दर्द हुआ होगा। मैं उनका दर्द समझ सकता हूं। गोवा की जनता उत्पल पर्रिकर के इस अपमान को नहीं भूलेगी।
जिन लोगों ने पार्टी को खड़ा किया, उनको अपमानित कर रही बीजेपी
संजय राउत का कहना था कि मनोहर पर्रिकर जिस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, उस पर मौजूदा विधायक अतानासियो मॉन्सरेट को बीजेपी ने मैदान में उतारा है। उन पर भ्रष्टाचार, माफिया और रेप का आरोप है। मनोहर पर्रिकर और लक्ष्मीकांत पारसेकर ने गोवा में भाजपा को खड़ा करने की कोशिश की। हालांकि, आज मनोहर पर्रिकर के बेटे का भाजपा द्वारा अपमान किया जा रहा है और लक्ष्मीकांत पारसेकर को टिकट से वंचित कर दिया गया है। भाजपा बढ़ती रही। लेकिन आज भाजपा ने उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया है। जनता इसे बर्दाश्त नहीं कर सकती।
कांग्रेस को इतना भरोसा कहां से मिलता है : राउत
राउत का कहना था कि शिवसेना चाहती है कि गोवा में बीजेपी को रोका जाए। इसके लिए कांग्रेस से गठबंधन करने की कोशिश की। लेकिन, उन्हें यह समझ में नहीं आया। बिना बढ़त के कांग्रेस को बहुमत तक पहुंचने का भरोसा कहां से मिलता है? ये मुझे समझ में नहीं आता है। दरअसल, हाल ही में कांग्रेस ने कहा कि वह गोवा में बिना किसी से गठबंधन किए चुनाव लड़ेगी। राज्य में उनका संगठन मजबूत है और लोग कांग्रेस को पसंद करते हैं।
भाजपा हमेशा मेरे दिल में रहेगी: उत्पल
बता दें कि पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर ने एक दिन पहले ही भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और पणजी से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की। भाजपा को लिखे अपने इस्तीफे में उत्पल ने कहा कि उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है और उन्होंने अपने इस्तीफे को औपचारिकता बताया। लिखा- यह मेरे लिए मुश्किल विकल्प है, मैं इसे गोवा के लोगों के लिए कर रहा हूं लेकिन भाजपा हमेशा मेरे दिल में रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भगवा पार्टी ने उन्हें पणजी के अलावा अन्य निर्वाचन क्षेत्रों की पेशकश की थी। मैं उन मूल्यों के लिए लड़ रहा हूं जिन पर मैं विश्वास करता हूं। पणजी के लोगों को फैसला करने दें। मैं अपनी पार्टी के साथ बातचीत नहीं कर सकता।
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