
राजकोट. गूगल मैप की गलती से समय पर एम्बुलेंस न पहुंचने पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के चचेरे भाई की जान नहीं बचाई जा सकी। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई थी। इसके बाद एम्बुलेंस 108 को कॉल किया गया। एम्बुलेंस के लिए यह रास्ता बमुश्किल 10 मिनट का था, लेकिन उसे पहुंचने में 45 मिनट लग गए। उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में कलेक्टर से जवाब तलब किया गया है।
राजकोट की कलेक्टर रम्या मोहन के मुताबिक, मामला 4 अक्टूबर का है। मुख्यमंत्री के चचेरे भाई अनिल संघवी राजकोट क ईश्वरिया इलाके में मोदी स्कूल के पास रहते हैं। इसी नाम से एक गांव भी है। अनिल संघवी को सांस लेने में दिक्कत हुई, तो एम्बुलेंस को कॉल किया गया। एम्बुलेंस गूगल मैप के आधार पर ईश्वरिया इलाके की बजाय ईश्वरिया गांव चली गई। जब उसे आभास हुआ कि गूगल मैप ने गलत रास्ता दिखाया है, तो वो फौरन लौटी और ईश्वरिया नगर पहुंची। मृतक के परिजनों ने इसके लिए एम्बुलेंस सेवा को दोषी माना है। हालांकि संचालन ने तर्क दिया कि एम्बुलेंस गूगल मैप से रास्ता तलाशती है। इसलिए यह गलती गूगल मैप की है। संचालक ने बताया कि उन्हें लैंडलाइन से कॉल आया था। अगर मोबाइल से कॉल किया गया होता, तो शायद दिक्कत न आती। एम्बुलेंस के कर्मचारी ने बताया कि रास्ता न मिलने पर उसने 13 बार कॉल किया, लेकिन किसी ने रिसीव नहीं किया।
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