यह कैसी बेबसी..कोरोना को हराकर घर आया पिता, लेकिन चाहकर भी फूल सी बेटी को छू नहीं सकता

Published : Apr 28, 2020, 04:43 PM ISTUpdated : Apr 28, 2020, 06:54 PM IST
यह कैसी बेबसी..कोरोना को हराकर घर आया पिता, लेकिन चाहकर भी फूल सी बेटी को छू नहीं सकता

सार

देश में कोरोना के कहर ने कई घरों की खुशियां छीन लीं। कई परिवार तो ऐसे हैं जिनके सभी सदस्य संक्रमित हो पाए गए हैं। ऐसी ही एक मर्मिक कहानी गुजरात से सामने आई है। जहां पति-पत्नी और मां के पॉजिटिव होने के बाद घर में कोई 14 माह की बच्ची को खिलाने वाला भी नहीं बचा।

राजकोट. देश में कोरोना के कहर ने कई घरों की खुशियां छीन लीं। कई परिवार तो ऐसे हैं जिनके सभी सदस्य संक्रमित हो पाए गए हैं। ऐसी ही एक मर्मिक कहानी गुजरात से सामने आई है। जहां पति-पत्नी और मां के पॉजिटिव होने के बाद घर में 14 माह की बच्ची को खिलाने वाला भी कोई नहीं बचा।

अपनी बेटी को भी नहीं छू सकता पिता
दरअसल, यह मामला राजकोट के एक परिवार का है। जहां सोमवार को फिरोज चूड़ासमा नाम के शख्स की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। वह घर तो आ गए, लेकिन चाहकर भी 14 महीने की बेटी को छू नहीं सके। क्योंकि उनको ऐसा करने के लिए डॉक्टरों ने मना कर रखा है।

घर में कोई नहीं बचा बच्ची को खिलाने वाला
हैरत की बात यह है कि फिरोज के घर पहुंचते ही उनकी पत्नी और मां की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों को अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। आलम यह कि घर में कोई बच्ची को खिलाने वाला नहीं बचा है।

पत्नी और मां का हर घंटे आता है फोन
फिरोज का कहना है कि पत्नी- मां हर घंटे फोन आता है, वह बस यही कहती हैं कि हौंसला रखो, सब ठीक हो जाएगा। जैसे आप सही होकर घर पुहंच गए, वैसे ही हम दोनों जल्द आ जाएंगे।

दूर से बेटी को देखता रहता है पिता
बता दें कि फिरोज को डॉक्टर ने अपनी बेटी को छूने के लिए मना किया हुआ है। वह पिछले पांच दिन से एक ही घर में रह रहा है, फिर भी उसके पास नहीं जा सकता। दूर से ही बेटी को देखता रहता है। वह डॉक्टर के निर्देशों का पूरी तरह से पालन कर रहा और बच्ची की सुरक्षा के लिए उससे दूर रहता है।

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