
पणजी. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने निजी वन भूमि संबंधी आंकड़े में लगातार बदलाव की जांच कराने के लिए सदन की समिति बनाने की विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया।
मुख्यमंत्री के पास है वन विभाग का कार्यभार
वन विभाग का भी कार्यभार संभाल रहे सावंत ने विपक्षी विधायकों से कहा कि सदन की समिति बनाने की जरूरत नहीं है क्योंकि मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में लंबित है । जीएफपी प्रमुख विजय सरदेसाई, विपक्ष के नेता दिगंबर कामत और निर्दलीय विधायक रोहन खौंटे ने इस तरह की समिति बनाने की मांग की।
विपक्ष लगा रही है गोवा के सबसे बड़े घोटाले का आरोप
उन्होंने दलील दी कि निजी वन भूमि के आंकड़े में लगातार बदलाव हो रहे हैं। सरदेसाई ने गोवा के इतिहास में इसे ‘‘सबसे बड़े घोटालों में एक’’ बताया । सरदेसाई ने कहा कि इलाके का आकलन करने के लिए बनायी गयी विभिन्न समिति के अंतर्गत निजी वन भूमि का क्षेत्र 21 वर्ग किलोमीटर से घटकर चार किलोमीटर हो गया।
गोवा विधानसभा का पांच दिवसीय बजट सत्र सोमवार को शुरू हुआ ।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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