
सूरत, गुजरात. ये कहानियां कोरोना संक्रमण के खिलाफ जारी लड़ाई में लोगों की जीत को दिखाती हैं। कोरोना संक्रमण को लेकर घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे ही दो मरीज गुजरात के सूरत से डिस्चार्ज हुए, जिन्होंने अपने सकारात्मक सोच के बूते कोरोना को हरा दिया। इनमें यह बच्ची माहिरा भी शामिल है। बता दें कि शुक्रवार को 26 मरीज कोरोना को हराकर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किए गए। गुजरात में अब मरीजों के ठीक होने की रेट बढ़ रही है। वहीं, एक बच्चा मप्र के जबलपुर से डिस्चार्ज होकर घर लौटा था।
सूरत की कोरोना वॉरियर्स..
शुक्रवार को यहां 26 मरीजों को स्वस्थ्य होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। इनमें 70 साल की चंद्रिका बेन जरीवाला और 4 साल की माहिरा भी शामिल हैं। चंद्रिका बने 17 दिन हॉस्पिटल में रहीं। उन्हें सिर्फ बीपी की दिक्कत थी। संक्रमण कैसे लगा, उन्हें नहीं मालूम। चंद्रिका बेन ने 15 दिनों में सिर्फ 2 रोटियां खाईं। बाकी दूध और अन्य लिक्विड खूब पीया। उन्हें यहां कोरोना संक्रमण खत्म करने वाला सिरप दिया जाता था।
वहीं, 4 साल की माहिरा भी 17 दिन बाद डिस्चार्ज हुईं। 15 दिन माहिरा को हॉस्पिटल में दवा सिरप ही दिया गया। वे इससे ही ठीक हो गईं। माहिरा को सुबह 5 और शाम को 5 एमएल सिरप दिया जाता था।
8 साल के आकर्षण सोनी ने दी कोरोना को मात...
मिलिए, यह हैं जबलपुर के रहने वाले 8 साल के आकर्षण सोनी। 18 दिन पहले जब इनका टेस्ट पॉजिटिव निकला, तो परिजनों का तो बुरा हाल हो गया। बच्चे को अकेला ही हॉस्पिटल ले जाना पड़ा। जब उसे एम्बुलेंस में बिठाया गया, तो उसकी आंखों में मायूसी थी। यह दु:ख कोरोना से ज्यादा अपनों से दूर रहने का था। लेकिन अब यह बच्चा कोरोना को हराकर घर लौट आया है। आकर्षण सोनी को इसी गुरुवार को डिस्चार्ज किया गया। जब दोपहर 12 बजे उसे सुपर स्पेशिलटी अस्पताल से छुट्टी मिली, तो वो खुशी से चहक उठा। रास्तेभर वो मस्ती करता हुआ आया। आकर्षण सोनी जब अपने मोहल्ले पहुंचा, तो परिजनों और दूसरे लोगों ने थाली बजाकर उसका स्वागत किया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन डॉ. प्रदीप कसार ने बताया कि आकषर्ण को 14 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है।
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