
जुआरीनगर. गोवा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक परिवार के तीन लोगों ने अपने घर में फांसी लगाकर मौत को घले लगा लिया। इस पूरी घटना से प्रशासन में हडकंप मच गया है। क्योंकि मृतकों के परिवार के सदस्यों ने पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। जिसके चलते उन्होंने मजबूर होकर यह कदम उठया। हालांकि पुलिस ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।
एक साथ परिवार के तीन लोगों ने लगाया मौत को गले
दरअसल, यह दर्दनाक घटना मंगलवार देर रात दक्षिण गोवा में एमईएस कॉलेज के पास घटी। जहां एक परिवार के तीन सदस्य उलगप्पा (30), गंगप्पा (25) और उलगप्पा की पत्नी देवम्मा (23) ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने तीनों शवों को बरामद कर जांच के लिए भेज दिया है। एसपी पंकज कुमार सिंह ने कहा, “हमने आपराधिक प्रक्रिया के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है और हम जांच कर रहे हैं कि आखिर परिवार ने यह कदम क्यों उठाया।
पीड़ित परिवार को बिना खाना खिलाए घंटों थाने में रखती थी पुलिस
वहीं एक एनजीओ के सदस्य अरुणेंद्र पांडे ने बताया कि मृतक परिवार मूलरूप से कर्नाटक के बागलकोट के रहने वाले थे। उलगप्पा और गंगप्पा दिहाड़ी मजदूर करके अपना जीवन चला रहे थे। लेकिन एक चोरी के मामले में शक के आधार पर पुलिस पूरे परिवार को बार-बार थाने बुलाकर प्रताड़ित कर रही थी। आरोप है कि मृतकों को पुलिस स्टेशन बुलाया जा रहा था और बिना भोजन, शौचालय के घंटों तक वहीं रखा गया और सभी एसओपी का उल्लंघन किया गया। इतना ही नहीं महिला को पूरी रात थाने में रखा गया।
इस केस में पुलिस परिवार को कर रही थी प्रताड़ित
परिवार की सहायता कर रही वकील अल्बर्टिना अल्मेडा ने बताया कि मृतका देवम्मा घरों में घरेलू का करने के लिए जाती थी। एक सप्ताह पहले एक मालिक ने महिला के खिलाफ वर्ना पुलिस स्टेशन में चोरी का मामला दर्ज कराया था। जहां उस पर सोने के गहनों को चुराने का आरोप लगाया था। जिसकी जांच में पुलिस परिवार को रोजाना थाने में बुलाती और प्रताड़ित करती थी। हालांकि मामले की जांच पुलिस कर रही है।
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