दिव्या मित्तल ने कहा-देश की जनता 80 सालों से मसीहा का इंतजार कर रही है, लेकिन कोई नहीं आया। मैं भी कोई मसीहा नहीं हूं। आपको कह रही हूं कि मुझ पर भरोसा मत करिए, अपने आप पर करिए। मैं शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील, छात्र और उस मां को बुला रही हूं, जिनको अपने बच्चे के सुनहरे कल की चिंता है।