जानें क्यों इस देश में पहली बार ट्रांसजेंडर महिला को दी गई सजा ए मौत

Published : Jan 04, 2023, 09:08 AM ISTUpdated : Jan 04, 2023, 09:43 AM IST
जानें क्यों इस देश में पहली बार ट्रांसजेंडर महिला को दी गई सजा ए मौत

सार

प्रेमिका से ब्रेकअप होने के बाद, वो उसका पीछा करने लगा। इसके बाद उसने वो किया जिसके लिए उसे सजा ए मौत दी जा रही है। फांसी से नहीं बल्कि इंजेक्शन के जरिए ट्रांसजेंडर महिला को मौत दी जाएगी। 

रिलेशनशिप डेस्क. अमेरिका (America) के मिसौरी में एक ट्रांसजेंडर महिला  (Transgender Woman) को सजा ए मौत सुनाई गई। 49 साल के एम्बर मैकलॉघलिन (Amber McLaughlin) यूएस की इतिहास की पहली ट्रांसजेंडर महिला बन गई जिन्हें मौत की सजा दी गई है। एम्बर को अपनी प्रेमिका की हत्या करने का दोषी पाया गया था। जिसके बाद उन्हें ये  सजा दी गई है।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यहां के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी ट्रांसजेंडर महिला को पहले मौत की सजा सुनाई गई और फिर उसे मौत दी गई। हालांकि यहां के रिपोर्ट में लैंगिक पहचान केंद्रीय नहीं था। बल्कि यह साल 2023 का पहला मामला होगा जब किसी आरोपी को इंजेक्शन से मौत की सजा दी गई है। ट्रांसजेंडर एम्बर को बचाने के लिए उनके वकील ने काफी कोशिश की। वकील ने मिसौरी के गवर्नर माइक पार्सन से अपील की थी कि वो सजा पर रोक लगा दें। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट् की मानें तो एम्बर मैकलॉघलिन ने जब लिंग परिवर्तन नहीं कराया था उससे पहले उनकी प्रेमिका बेवली गुएन्थर थी। वो उनके साथ रिलेशनशिप में थे। कुछ वक्त बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। जिसके बाद गुएन्थर ने एम्बर से दूरी बना ली। लेकिन वो नहीं रुका। वो प्रेमिका का पीछा करने लगा था। कभी वो उसके ऑफिस तक पीछा करता था तो कभी घर पहुंच जाता था। नवंबर 2003 में उसने गुएन्थर की बेरहमी से हत्या कर दी।

मौत से बचने के लिए बार-बार की अपील

इसके बाद एम्बर ने अपना लिंग परिवर्तन कराया था। साल 2016 में एम्बर को इस मामले में सजा सुनाई गई। मौत से बचने के लिए उसने कोर्ट में याचिका दायर की। साल 2016 में फिर से सुनवाई शुरू हुई और साल 2021 में फिर से कोर्ट का फैसला आया। इसमें भी उसकी मौत की सजा को बरकरार रखा गया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आरोपी को सेक्स डिस्फोरिया नाम की बीमारी थी। इसके साथ ही वो मानसिक बीमारी से भी जूझ रही थी। इसी को आधार बनाकर वो बार-बार कोर्ट से मौत सी सजा रद्द करने की गुहार लगा रही थी। लेकिन कोर्ट ने जो सही था वो किया।

'मैंने जो किया उसके लिए खेद है'

मिसौरी राज्य में एम्बर को सजा दी गई।जब पेंटोबार्बिटल की घातक खुराक इंजेक्ट की जा रही थी तब  एम्बर  ने अपने साथ एक आध्यात्मिक सलाहकार के साथ चुपचाप बात की। मैकलॉघलिन ने एक दो बार जोर से सांस ली, फिर अपनी आंखें बंद कर लीं। कुछ मिनट बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।'मैंने जो किया उसके लिए मुझे खेद है,' एम्बर ने एक अंतिम, लिखित, बयान में कहा। 'मैं एक प्यार करने वाला और देखभाल करने वाला व्यक्ति हूं।'

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