
Adhik Maas Purnima Kab Hai: इन दिनों ज्येष्ठ का अधिक मास चल रहा है। अधिक मास की पूर्णिमा का संयोग 3 साल में एक बार बनता है। इसलिए धर्म ग्रंथों में इसका विशेष महत्व बताया गया है। इस बार अधिक मास की पूर्णिमा का संयोग 2 दिन बन रहा है। जिसके चलते लोगों के मन में ये कन्फ्यूजन है कि अधिक मास की पूर्णिमा का व्रत-पूजा, उपाय आदि किस दिन करें। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानिए अधिक मास की पूर्णिमा की सही डेट व अन्य जानकारी…
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पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा तिथि 30 मई, शनिवार की सुबह 11 बजकर 57 मिनिट से शुरू होगी जो अगले दिन यानी 31 मई, रविवार की दोपहर 2 बजकर 14 मिनिट तक रहेगी। यानी दोनों ही दिन पूर्णिमा तिथि का संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार चूंकि पूर्णिमा तिथि का चंद्रोदय 30 मई, शनिवार को होगा, इसलिए इसी दिन अधिक मास की पूर्णिमा का व्रत किया जाएगा।
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सुबह 07:25 से 09:04 तक
सुबह 12:24 से 02:04 तक
दोपहर 11:57 से 12:50 तक (अभिजीत मुहूर्त)
दोपहर 03:43 से शाम 05:23 तक
शाम 07:43 से 09:04 तक
1. सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
2. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें।
3. ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
4. जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े और धन का दान करें।
5. पूर्णिमा की रात चंद्रमा को अर्घ्य दें और चंद्र दर्शन करें।
1. इस दिन तामसिक भोजन जैसे मांस-मदिरा का सेवन न करें।
2. किसी से विवाद या कटु वचन बोलने से बचें।
3. घर में गंदगी और नकारात्मक माहौल बिल्कुल न रखें।
4. किसी का भी मजाक न उड़ाएं और अपमान करने से बचें।
5. देर तक सोने और आलस्य करने से बचना चाहिए।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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