
Agnikund Mahadev Temple, Bangladesh: आज का बांग्लादेश कभी भारत का ही हिस्सा था। इसलिए वहां आज भी हिंदुओं के अनेक प्राचीन मंदिर देखे जा सकते हैं। इनमें से कुछ मंदिर बहुत ही प्राचीन हैं। बांग्लादेश के चिट्टागांव में शिवजी का ऐसा ही एक ऐसा ही चमत्कारी मंदिर है। खास बात ये है कि यहां सालों से प्राकृतिक रूप से आग धधक रही है। वैज्ञानिक भी आज तक इस चमत्कार को समझ नहीं पाएं हैं। महाशिवरात्रि (15 फरवरी, रविवार) के मौके पर जानिए इस शिव मंदिर से जुड़ी रोचक बातें…
बांग्लादेश के चिट्टागांव के जंगलों में भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर है। दूर-दूर से भक्त यहां दर्शन करने आते हैं। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां सालों से प्राकृतिक रूप से अग्नि जल रही है। वैज्ञानिक भी इस अग्नि में शोध करके थक चुके हैं लेकिन इसका रहस्य आज तक नहीं सुलझा पाए। इसी चमत्कार के चलते इस मंदिर को अग्निकुंड महादेव के नाम से जाना जाता है।
बांग्लादेश के अग्निकुंड महादेव मंदिर को आश्चर्य का केंद्र कहा जाता है। क्योंकि आज तक न तो इस अग्नि को कोई बुझा सका और न ही कोई इसका रहस्य को जान सका। इस अग्निकुंड में न ही कोई ईंधन डाला जाता है और न इसे जलाने की जरूरत पड़ती है फिर भी ज्वाला का अखंड रूप से जलना चमत्कार ही है। पुरातत्वविद भी इस आग के स्रोत की खोज नहीं पाए हैं। दूर-दूर महादेव के भक्त इस मंदिर में धधकती ज्वाला को देखने और शिवलिंग के दर्शन के लिए आते हैं।
भारत की ही तरह बांग्लादेश में भी महाशिवरात्रि का पर्व बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन अग्निकुंड महादेव मंदिर में भी विशेष आयोजन किए जाते हैं। दूर-दूर से भक्त अपने आराध्य के दर्शन करने और इस चमत्कार को देखने के लिए इकट्ठा होते हैं। कुछ साल पहले जब बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल ने अग्निकुंड महादेव मंदिर की तस्वीरें साझा की तो हर कोई इसे देखकर हैरान रह गया था।
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