Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया क्यों है इतनी शुभ? बहुत कम लोग जानते हैं ये 4 वजह

Published : Apr 12, 2026, 02:25 PM IST
Akshay Tritiya 2026

सार

Akshaya Tritiya 2026 Date: हिंदू धर्म में कुछ तिथियों को बहुत ही शुभ माना गया है। अक्षय तृतीया भी इनमें से एक है। इस तिथि से जुड़ी अनेक मान्यताएं हैं जो इसे खास बनाती हैं। अक्षय तृतीया से जुड़ी अनेक मान्यताएं और परंपराएं भी हैं।

Akshaya Tritiya 2026 Kab Hai: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आखा तीज और अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है। अक्षय का अर्थ है जिसका क्षय यानी नाश न हो। इस बार अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल, रविवार को है। ये तिथि साल में आने वाले 4 अबूझ मुहूर्तों में से एक है। यानी इस दिन बिना मुहूर्त के भी कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। अक्षय तृतीया को क्यों इतना शुभ मानते हैं, इसे लेकर कईं मान्यताएं हैं। आगे जानिए अक्षय तृतीया से जुड़ी खास बातें…

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अक्षय तृतीया पर ही जन्में थे भगवान परशुराम

भगवान विष्णु ने दुष्टों का नाश करने के लिए अनेक अवतार लिए, परशुराम भी इनमें से एक हैं। मान्यता है कि भगवान परशुराम का जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि यानी अक्षय तृतीया पर ही हुआ था। इसलिए इस तिथि का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है। ऐसा भी कहते हैं कि भगवान परशुराम आज भी जीवित हैं और वे किसी गुप्त स्थान पर तपस्या कर रहे हैं।

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इसी तिथि से हुई थी त्रेतायुग की शुरूआत

एक मान्यता ये भी है कि सतयुग के अंत के बाद त्रेतायुग शुरू हुआ। इस युग की शुरूआत ‌वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि पर ही हुई था। त्रेतायुग में भगवान श्रीराम सहित अनेक देवताओं ने धरती पर जन्म लिया। त्रेतायुग का पहला दिन होने के कारण भी अक्षय तृतीया पर बहुत शुभ तिथि माना गया है।

इसी दिन शुरू हुआ था महाभारत का लेखन

ये बात तो सभी जानते हैं कि ऋषि वेदव्यास के कहने पर भगवान श्रीगणेश ने महाभारत का लेखन किया था। मगर ये बात बहुत लोगों को पता है कि अक्षय तृतीया के दिन से ही श्रीगणेश ने ये काम शुरू किया था। महाभारत को हिंदू धर्म में पांचवां वेद कहा गया है। इसलिए भी अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है।

अक्षय तृतीया क्यों हैं इतना विशेष?

हिंदू धर्म में 4 अबूझ मुहूर्त बताए गए हैं, उनमें से एक है अक्षय तृतीया। कहते हैं कि अक्षय तृतीया पर कोई भी शुभ कार्य बिना मुहुर्त देखे किया जा सकता है जैसे विवाह, मुडंन आदि। इस दिन किए गए मंत्र जाप, ज्योतिष उपाय आदि का भी संपूर्ण फल मिलता है। धन लाभ के लिए इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है।


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