Angarak Chaturthi 2026: कब है अंगारक चतुर्थी, 20 या 30 सितंबर, किसकी पूजा करें? जानें महत्व और उपाय

Published : Sep 28, 2026, 04:23 PM IST
Angarak Chaturthi 2026

सार

Angarak Chaturthi Importance: चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान श्रीगणेश हैं। जब मंगलवार के दिन चतुर्थी तिथि पड़ती है तो इसे अंगारक चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश के साथ मंगल ग्रह की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है।

Angarak Chaturthi 2026 Date: हर महीने के दोनों पक्षों में चतुर्थी तिथि आती है। इन दोनों चतुर्थी पर भगवान श्रीगणेश की विशेष पूजा की जाती है। जब भी कभी चतुर्थी तिथि का संयोग मंगलवार को बनता है तो ये अंगारक चतुर्थी कहलाती है। अंगारक चतुर्थी का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में बताया गया है। इस दिन, श्रीगणेश और चंद्रमा के साथ-साथ मंगलदेव की पूजा भी की जाती है। इस बार सितंबर के अंतिम स्प्ताह में अंगारक चतुर्थी का शुभ संयोग बन रहा है। आगे जानिए अंगारक चतुर्थी की सही डेट, महत्व और उपाय आदि डिटेल…

सितंबर 2026 में कब है अंगारक चतुर्थी?

पंचांग के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 29 सितंबर, मंगलवार की शाम 05 बजकर 10 मिनिट से शुरू होगी जो अगले दिन यानी 30 सितंबर, बुधवार की दोपहर 02 बजकर 55 मिनिट तक रहेगी। चूंकि चतुर्थी तिथि का चंद्रमा 29 सितंबर को उदय होगा, इसलिए इसी दिन चतुर्थी तिथि का व्रत किया जाएगा। अंगारक चतुर्थी से संबंधित पूजा, उपाय के लिए भी यही दिन श्रेष्ठ है।

ये भी पढ़ें-
October 2026 Calendar: शारदीय नवरात्रि कब से? जानें दशहरा, करवा चौथ सहित पूरे महीने के व्रत-त्योहारों की डेट

अंगारक चतुर्थी पर किसकी पूजा करें?

अंगारक चतुर्थी पर भगवान गणेश के साथ चंद्रमा और मंगलदेव की पूजा का विधान है। मान्यता है कि गणेश जी की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और चंद्रमा की पूजा से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है, वहीं मंगल देव की पूजा से साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ता है। इन दोनों देवताओं की पूजा करने से अंगारक चतुर्थी का पूरा फल आपको मिल सकता है।

ये भी पढ़ें-
Pitru Paksha Shradh: पितृ पक्ष में किस दिन करें किसका श्राद्ध? जानें अमावस्या से लेकर मातृ नवमी तक का पूरा कलेंडर

अंगारक चतुर्थी का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार अंगारक चतुर्थी का व्रत करने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है। मंगल ग्रह से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए भी इस दिन पूजा और उपाय किए जाते हैं। नौकरी, कारोबार, जमीन-जायदाद या जीवन में बार-बार आ रही रुकावटों से परेशान लोग इस दिन गणेश जी की आराधना कर सकते हैं।

अंगारक चतुर्थी के उपाय

1. अंगारक चतुर्थी पर गणेश जी को 21 दूर्वा अर्पित करें।
2. जरूरतमंद व्यक्ति को लाल मसूर की दाल, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करें।
3. श्रीगणेश और मंगल के मंत्रों का जाप भी अंगारक चतुर्थी पर करना चाहिए।
4. अगर किसी को मंगल दोष है तो उसे इस दोष के निवारण के लिए पूजा भी इसी दिन करनी चाहिए।
5. इस दिन श्रीगणेश को गुड़-चने का भोग लगाने से हर संकट दूर हो सकते हैं।



Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

PREV

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

Read more Articles on

Recommended Stories

October 2026 Calendar: शारदीय नवरात्रि कब से? जानें दशहरा, करवा चौथ सहित पूरे महीने के व्रत-त्योहारों की डेट
Pitru Paksha Animals: पितृ पक्ष में दिख जाएं ये 5 जीव तो न करें नजरअंदाज! जानें क्या कहती हैं मान्यताएं