
Maa Brahmacharini Aarti Lyrics: इस बार चैत्र नवरात्रि का पर्व 19 मार्च, गुरुवार से शुरू हो चुका है जो 27 मार्च, शुक्रवार तक मनाया जाएगा। इन 9 दिनों में रोज देवी के एक विशेष रूप की पूजा की जाएगा। नवरात्रि के दूसरे दिन की देवी ब्रह्मचारिणी है। इनका स्वरूप बहुत ही शांत और सौम्य हैं। इस बार देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा 20 मार्च, शुक्रवार को की जाएगी। पूजा के बाद देवी की आरती करने की परंपरा भी है। आगे जानिए कैसे करें देवी ब्रह्मचारिणी की आरती…
पूजा के बाद देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि-विधान से करनी चाहिए। सबसे पहले देवी ब्रह्मचारिणी के चित्र या प्रतिमा के चरणों पर से 4 बार आरती की थाली घुमाएं, इसके बाद 2 बार नाभि से, 1 बार चेहरे पर से और 7 बार पूरे शरीर से। इस तरह कुल 14 बार आरती की थाली घूमाकर देवी की आरती करनी चाहिए।
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।
देवी ब्रह्मचारिणी के मंत्र का जाप करने से मन की शांति प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि मिलती है। ये है देवी ब्रह्मचारिणी का मंत्र-
ऊं देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः
इस मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करना चाहिए।
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