
Chanakya Niti For Women: आचार्य चाणक्य भारत के उन विद्वानों में से एक थे जिन्होंने इस देश को एक सूत्र में पिरोया और समाज में फैली बुराइयों को खत्म करने का प्रयास किया। उनकी बताई हुई नीतियां आज के समय में भी हमें सही रास्ता दिखा रही हैं। गृहस्थ जीवन को सुखी बनाने के लिए भी आचार्य चाणक्य ने कई नीतियां बताई हैं। उन्हीं नीतियों के अंर्तगत एक नीति ये भी है कि महिलाओं को अधिक देर तक घर के मुख्य दरवाजे या खिड़की पर नहीं खड़े रहना चाहिए। आगे जानिए इसके पीछे के 4 मुख्य कारण…
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आचार्य चाणक्य की मानें तो महिलाओं को अधिक देर तक घर के मुख्य द्वार या खिड़की पर नहीं खड़ना रहना चाहिए इसे परिवार की गरिमा के अनुकूल नहीं माना है। इससे परिवार की मान-प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है। यही कारण है कि बहुत जरूरी होने पर भी महिलाओं को घर के दरवाजे या खिड़की पर खड़े होना चाहिए।
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इस नीति के पीछे आचार्य चाणक्य का दूसरा मत ये था कि अगर कोई महिला अधिक देर तक एक स्थान पर खड़ी रहे तो अन्य महिलाएं भी वहां आकर गैरजरूरी बातें करने लगती हैं। इन बातों में किसी की बुराई या चुगली आदि भी शामिल होती है। कईं बार ये छोटी-छोटी बातें बड़े विवाद का रूप भी ले लेती हैं। इसलिए भी महिलाओं को इस नियम का पालन करना चाहिए।
मुख्य द्वार और खिड़कियां घर के भीतर और बाहर का संपर्क बिंदु होती हैं। जब यहां कोई महिला खड़ी होकर अन्य महिलाओं से बात करती हैं तो बातों ही बातों में कईं बार परिवार की निजी बातें भी सार्वजनिक हो जाती हैं। जिससे कारण परिवार को शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है। इसलिए महिलाओं को घर के दरवाजे और खिड़की पर अधिक देर तकन हीं खड़े रहना चाहिए।
महिलाओं द्वारा रोज-रोज एक ही स्थान पर खड़े होने से उनके चरित्र में दोष आने की संभावना काफी बढ़ जाती है। चाणक्य उस समय भी इस बात को समझते थे इसलिए इन्होंने अपनी नीतियों में ये बात कही है। चाणक्य की इन नीतियों का पालन जरूर करना चाहिए।
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