
Chaitra Navratri 2026 Devi Chandraghanta Puja Vidhi: इस बार चैत्र नवरात्रि का पर्व 19 मार्च, गुरुवार से शुरू हो चुका है जो 27 मार्च, शुक्रवार तक रहेगा। धर्म ग्रंथों के अनुसार, चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। इस बार ये तिथि 21 मार्च, शनिवार को है। धर्म ग्रंथों के अनुसार देवी चंद्रघंटा की पूजा से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। आगे जानिए देवी चंद्रघंटा की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, आरती और मंत्र …
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सुबह 08:03 से 09:33 तक
दोपहर 12:10 से 12:58 तक (अभिजीत मुहूर्त)
दोपहर 12:34 से 02:04 तक
दोपहर 03:34 से 05:04 तक
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- 21 मार्च, शनिवार को शुभ मुहूर्त से पहले पूजा की पूरी तैयारी कर लें और शुभ मुहूर्त में घर में साफ स्थान पर देवी चंद्रघंटा की तस्वीर या चित्र स्थापित करें।
- देवी के चित्र पर कुमकम से तिलक लगाएं, फूलों की माला पहनाएं। शुद्ध घी का दीपक जलाएं। चावल, अबीर, गुलाल, रोली, मेहंदी आदि चीजें अर्पित करें।
- देवी को दूध से बनी चीजों जैसे खीर या मावे की मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद आरती करें। संभव हो तो नीचे लिखा मंत्र का जाप 108 बार करें-
पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
जय मां चंद्रघंटा सुख धाम। पूर्ण कीजो मेरे काम।।
चंद्र समान तू शीतल दाती। चंद्र तेज किरणों में समाती।।
क्रोध को शांत बनाने वाली। मीठे बोल सिखाने वाली।।
मन की मालक मन भाती हो। चंद्र घंटा तुम वरदाती हो।।
सुंदर भाव को लाने वाली। हर संकट मे बचाने वाली।।
हर बुधवार जो तुझे ध्याये। श्रद्धा सहित जो विनय सुनाय।।
मूर्ति चंद्र आकार बनाएं। सन्मुख घी की ज्योत जलाएं।।
शीश झुका कहे मन की बाता। पूर्ण आस करो जगदाता।।
कांची पुर स्थान तुम्हारा। करनाटिका में मान तुम्हारा।।
नाम तेरा रटू महारानी। भक्त की रक्षा करो भवानी।।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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