Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज पर व्रत करने वाली महिलाओं का कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। इन नियमो का ध्यान न रखने से इस व्रत का पूरा फल नहीं मिलता।
Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज का व्रत महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा कर अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत के साथ कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है। यदि इन नियमों की अनदेखी की जाए तो व्रत का पूरा फल नहीं मिल पाता। इस बार हरियाली तीज 15 अगस्त 2026, शनिवार को मनाई जाएगी। जानिए इस दिन किन 5 गलतियों से बचना चाहिए…
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काले रंग के कपड़े पहनने से बचें
हरियाली तीज को सौभाग्य, प्रेम और समृद्धि का पर्व माना जाता है। इस दिन काले रंग के वस्त्र पहनना शुभ नहीं माना जाता। पूजा के दौरान हरे, लाल, गुलाबी या पीले रंग के कपड़े पहनना अधिक शुभ माना गया है। काला रंग नकारात्मकता और शोक का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इससे दूरी बनाकर रखें।
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क्रोध और विवाद से दूर रहें
व्रत का उद्देश्य केवल भोजन का त्याग करना नहीं, बल्कि मन और व्यवहार को भी पवित्र रखना होता है। हरियाली तीज के दिन किसी से झगड़ा करना, कटु शब्द बोलना या क्रोध करना अशुभ माना जाता है। शांत और सकारात्मक व्यवहार रखने से पूजा का पुण्य फल बढ़ता है।
जरूरतमंद को खाली हाथ न लौटाएं
धार्मिक मान्यता है कि व्रत और पर्व के दिन दान-पुण्य करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। यदि कोई जरूरतमंद, भिक्षुक या अतिथि आपके द्वार पर आए तो उसे यथाशक्ति अन्न, वस्त्र या धन का दान अवश्य करें। किसी को खाली हाथ लौटाना शुभ नहीं माना जाता।
घर का वातावरण पवित्र रखें
हरियाली तीज पर घर में शिव-पार्वती की विशेष पूजा की जाती है। इसलिए घर का वातावरण स्वच्छ और सकारात्मक होना चाहिए। इस दिन घर में मांसाहार, शराब या अन्य तामसिक वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए। पूजा स्थल की साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखें।
व्रत कथा सुने बिना पूजा समाप्त न करें
हरियाली तीज व्रत में कथा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि व्रत कथा सुने या पढ़े बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए पूजा के बाद हरियाली तीज की कथा अवश्य सुनें और भगवान शिव व माता पार्वती की आरती करें। तभी व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
