भारतीय मूल के अनुराधा और विकास सिन्हा ने US की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास को 2 करोड़ डॉलर दान दिए हैं। इससे AI और Advanced Analytics का कॉलेज बनेगा, जिसका नाम सिन्हा दंपति के नाम पर रखा जाएगा।
Indian-Origin Couple Donation: भारतीय मूल के इंजीनियर दंपति अनुराधा और विकास सिन्हा ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास (UNT) को 2 करोड़ डॉलर यानी करीब 170 करोड़ रुपये का बड़ा दान दिया है। यह रकम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड एनालिटिक्स से जुड़ा नया कॉलेज शुरू करने के लिए दी गई है। खास बात यह है कि यूनिवर्सिटी ने नए कॉलेज का नाम भी इस दंपति के नाम पर रखने का फैसला किया है। UNT की घोषणा के मुताबिक, नए संस्थान का नाम 'अनुराधा और विकास सिन्हा कॉलेज ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड एडवांस्ड एनालिटिक्स' रखा जाएगा। यूनिवर्सिटी का कहना है कि यह कॉलेज छात्रों और फैकल्टी के लिए AI और दूसरी उभरती तकनीकों पर काम करने के नए रास्ते खोलेगा।
UNT AI College: छात्रों और रिसर्च को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
UNT के प्रेसिडेंट हैरिसन केलर ने कहा कि विकास और अनु का यह योगदान छात्रों और फैकल्टी को इन तकनीकों को विकसित करने, समझने और वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल करने के नए अवसर देगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल यूनिवर्सिटी के 'लुक नॉर्थ: UNT 2030' स्ट्रैटेजिक प्लान की कई अहम प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएगी। इनमें बदलते लेबर मार्केट के लिए छात्रों को तैयार करने के तरीकों में बदलाव, अलग-अलग विषयों को जोड़कर रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देना और नॉर्थ टेक्सास तथा पूरे राज्य के लिए लंबे समय तक उपयोगी वैल्यू तैयार करना शामिल है।
UNT AI College Name: नए कॉलेज का नाम और यूनिवर्सिटी की योजना
यूनिवर्सिटी की आधिकारिक घोषणा के मुताबिक, इस नए इंस्टीट्यूट का नाम 'अनुराधा और विकास सिन्हा कॉलेज ऑफ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड एडवांस्ड एनालिटिक्स' होगा। UNT के प्रेसिडेंट हैरिसन केलर ने इस बड़े सहयोग की तारीफ करते हुए कहा कि विकास और अनु का यह कदम हमारे छात्रों और प्रोफेसरों के लिए नई टेक्नोलॉजी में रिसर्च और पढ़ाई के ढेरों रास्ते खोलेगा। यह हमारे 'लुक नॉर्थ: UNT 2030' स्ट्रैटेजिक प्लान का भी अहम हिस्सा है, जिसका मकसद तेजी से बदलते जॉब मार्केट के हिसाब से छात्रों को तैयार करना और इलाके में दूरगामी बदलाव लाना है।
Inside the AI College: क्या-क्या होगा इस नए कॉलेज के अंदर?
यह कॉलेज मुख्य रूप से दो अलग-अलग हिस्सों में बंटकर काम करेगा:
- डिवीजन ऑफ़ एप्लाइड इंटेलिजेंस एंड इंफॉर्मेटिक्स: इसका फोकस स्मार्ट सिस्टम बनाने और उन्हें प्रैक्टिकल लाइफ में लागू करने पर होगा।
- डिवीजन ऑफ़ इंफॉर्मेशन एंड लर्निंग एप्लीकेशन: यह इस बात पर रिसर्च करेगा कि इंसानी और संस्थागत जरूरतों में ये इंटेलिजेंट सिस्टम किस तरह से काम आते हैं।
इसके अलावा यह नया कॉलेज AI, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स, इंफॉर्मेशन साइंस और लर्निंग टेक्नोलॉजी जैसे मॉडर्न विषयों का एक बड़ा रिसर्च हब बनेगा। इस 2 करोड़ डॉलर के फंड से 6 परमानेंट एंडोमेंट (स्थायी निधि) बनाए जाएंगे, जो छात्रवृत्तियों, प्रोफ़ेसरशिप, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और एडवांस्ड रिसर्च को सपोर्ट करेंगे। साथ ही, इसमें एक 'एप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस इंस्टीट्यूट' भी खोला जाएगा जो अलग-अलग इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर नई रिसर्च पर काम करेगा।
Vikas and Anuradha Sinha Background: उत्तर प्रदेश से अमेरिका तक का सफर
विकास सिन्हा, जो वर्तमान में ब्रॉडकॉम (Broadcom) में वाइस प्रेसिडेंट हैं, का मानना है कि यह दान केवल एक मदद नहीं बल्कि उस सोच का हिस्सा है कि अप्रवासी लोग सिर्फ 'अमेरिकन ड्रीम' को जीते नहीं हैं, बल्कि उसे बनाने में भी योगदान देते हैं। उन्होंने कहा, "शिक्षा ने हमारे जीवन में हमेशा नए रास्ते खोले हैं और हम चाहते हैं कि दूसरों के लिए भी ये दरवाजे हमेशा खुले रहें।"
कौन हैं अनुराधा और विकास सिन्हा?
अनुराधा और विकास सिन्हा ने उत्तर प्रदेश की श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री पूरी की। इसके बाद दोनों आगे की पढ़ाई के लिए भारत से अमेरिका चले गए। दोनों ने फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट डिग्री हासिल की। इसके बाद विकास सिन्हा ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की और 2023 में यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास से अपनी PhD पूरी की।
यह पहला मौका नहीं है जब सिन्हा परिवार ने यूनिवर्सिटी को बड़ा फंड दिया है:
- 2024 में: उन्होंने 'अनुराधा और विकास सिन्हा डिपार्टमेंट ऑफ़ डेटा साइंस' की शुरुआत के लिए बड़ा योगदान दिया था।
- 2025 में: उन्होंने 'सिन्हा इनोवेशन लैब फ़ॉर डेटा साइंस' स्थापित करने के लिए फंड दिया।
- 2026 में: अब 2 करोड़ डॉलर का यह ऐतिहासिक दान देकर उन्होंने पूरे कॉलेज की ही नीव रख दी।


