Ahmedabad Honor Killing Case: अहमदाबाद में एक हैरान कर देने वाली ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। एक वीडियो वायरल होने के बाद पिता और भाई ने 22 वर्षीय सोफिया की हथौड़े से मारकर हत्या कर दी और इसे एक्सीडेंट का रूप देने की कोशिश की। पढ़ें पूरी खबर।
Ahmedabad Honor Killing: अहमदाबाद से एक बेहद दर्दनाक और रूह कांपने वाली खबर सामने आई है, जहां 'पारिवारिक प्रतिष्ठा' और 'इज्जत' की खातिर एक पिता और उसके बेटे ने मिलकर अपनी ही 22 साल की बेटी की हत्या कर दी। एक निजी अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट का काम करने वाली सोफिया की हत्या उसके पिता और भाई ने सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि किसी शख्स के साथ उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। कत्ल को छुपाने के लिए आरोपियों ने इसे सड़क हादसे का रूप देने की पूरी कोशिश की, लेकिन पुलिस की पैनी जांच के आगे यह खौफनाक राज छिपा न रह सका।
राइड के बहाने ले गए और फिर सिर पर दे मारा हथौड़ा
यह घटना करीब एक महीने पुरानी, 12 अगस्त 2026 की रात की है। सोफिया के पिता मोहम्मद फारूक और उसका 38 वर्षीय भाई मोहम्मद हाबिल उसे घुमाने के बहाने घर से बाहर ले गए। रास्ते में हाबिल मोटरसाइकिल को घेलजीपुरा गांव के पास एक सुनसान कच्चे रास्ते की तरफ मोड़ ले गया। वहां पहुंचते ही हाबिल ने अपनी पैंट के अंदर छुपाकर रखा लोहे का हथौड़ा निकाला और सोफिया के सिर पर एक के बाद एक तीन जानलेवा वार कर दिए।
हत्या को हिट-एंड-रन एक्सीडेंट बनाने की साजिश
बेरहमी से कत्ल करने के बाद पिता-पुत्र की जोड़ी सोफिया के शव को वापस मुख्य सड़क पर खींच लाई। इसके बाद उन्होंने एक्सीडेंट जैसा सीन बनाने के लिए अपनी ही मोटरसाइकिल को जानबूझकर क्षतिग्रस्त कर दिया। साजिश पूरी होने के बाद हाबिल खुद पुलिस के पास पहुंचा और मनगढ़ंत कहानी सुनाई। उसने दावा किया कि घेलजीपुरा चौराहे के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने पीछे से उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी बहन के सिर में गंभीर चोट आई और उसे खुद मामूली खरोंचें आईं। गंभीर हालत में सोफिया को सोला सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां अगले दिन उसने दम तोड़ दिया।
वायरल वीडियो और सामाजिक बदनामी का खौफ
शुरुआत में मामला साधारण हिट-एंड-रन का लग रहा था, लेकिन पुलिस को जब बयानों और चोटों के निशान पर शक हुआ, तो गहराई से जांच शुरू की गई। पूछताछ में सामने आया कि सोफिया का एक वीडियो किसी पुरुष मित्र के साथ वायरल होने के बाद से परिवार में भारी तनाव था। समाज में बदनामी और तानों के डर से पिता-पुत्र ने मिलकर सोफिया को रास्ते से हटाने का मन बना लिया था। पुलिस ने कड़ियों को जोड़ते हुए फर्जी एक्सीडेंट का पर्दाफाश कर दिया और पिता मोहम्मद फारूक तथा भाई मोहम्मद हाबिल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उन पर हत्या का केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


