Red Fort Blast मामले में NIA Chargesheet से बड़ा खुलासा हुआ है। उमर-उन-नबी ने पहले लाल मंदिर के पास कार पार्क करने की कोशिश की थी। ट्रैफिक और पुलिस की मौजूदगी के बाद उसने प्लान बदला।
Red Fort Blast NIA Chargesheet: पिछले साल 10 नवंबर को दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट को लेकर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट से जो बातें सामने आई हैं, वे काफी हैरान करने वाली हैं। जांच में पता चला है कि रेड फोर्ट के पास विस्फोटक से भरी i20 कार में जो धमाका हुआ था, उसका असली टारगेट लाल किला नहीं बल्कि चांदनी चौक स्थित प्रसिद्ध 'लाल मंदिर' था। धमाके से ठीक 13 मिनट पहले हमलावर उमर-उन-नबी ने अपनी कार को लाल मंदिर के पास पार्क करने की कोशिश की थी। हालांकि, वहां पर भारी ट्रैफिक और पुलिस बल की मौजूदगी को देखकर उसका प्लान नाकाम हो गया। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि शाम 6:37 बजे कार पार्क करने में नाकाम रहने के बाद उसने यू-टर्न लिया और फिर रेड फोर्ट के गेट नंबर 4 की तरफ बढ़ गया, जहां शाम 6:50 बजे उसने कार में रखे IED को उड़ा दिया।
VBIED Attack & Remote Trigger: जूते की एड़ी में छुपा रखा था रिमोट ट्रिगर
यह राजधानी दिल्ली में हुआ अपनी तरह का पहला 'व्हीकल-बेस्ड IED' (VBIED) हमला था। NIA की जांच के मुताबिक, इस धमाके को अंजाम देने के लिए उमर ने किसी हैंडहेल्ड डिवाइस का नहीं, बल्कि अपने जूते की एड़ी में फिट किए गए एक खास रिमोट कमांड मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया था। घटनास्थल पर कार के पास से जूते की एड़ी से जुड़ा एक मेटल का टुकड़ा बरामद हुआ था। फोरेंसिक जांच में उसमें ट्राईएसीटोन ट्राईपरॉक्साइड (TATP), पोटेशियम और अमोनियम नाइट्रेट जैसे खतरनाक केमिकल्स मिले। इसके अलावा कार के मलबे से एक नेज़ल स्वैब भी मिला, जिसका डीएनए उमर के माता-पिता से मैच कर गया और इससे साफ हो गया कि कार में वही मौजूद था।
TATP Explosive Stability: TATP को ठंडा और गीला रखने की खौफनाक तरकीब
जांच में यह भी सामने आया कि आतंकियों का यह मॉड्यूल TATP का इस्तेमाल कर रहा था, जो काफी अस्थिर केमिकल होता है। इसे स्थिर रखने के लिए इसे ठंडी जगह पर रखना और करीब 10% नमी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। उमर के साथियों और गवाहों ने बताया कि वह अपने कमरे को हमेशा बहुत ठंडा रखता था और वहां से अजीब सी बदबू आती थी। उसने और उसके साथियों ने पानी की थैलियां (वाटर बैग्स) खरीदी थीं ताकि TATP को गीला रखा जा सके। विस्फोटक को फटने से बचाने के लिए वे उसमें समय-समय पर पानी मिलाते रहते थे।
Blast Wave Impact & Damages: 11 लोगों की मौत और भारी नुकसान
अस्पताल से मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मारे गए लोगों की मौत 'हाई-इंटेंसिटी ब्लास्ट वेव' यानी तेज धमाके की लहरों के प्रभाव से हुई थी। NIA के आंकड़ों के अनुसार, इस भयावह हादसे में 11 मासूम लोगों की जान चली गई थी और 29 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके अलावा DMRC, ASI और PWD के शुरुआती आकलनों के मुताबिक, धमाके के चलते आसपास की ऐतिहासिक और सरकारी इमारतों को करीब 17.7 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा था।
Terror Manual & Urine Extraction: 'लोन मुजाहिद' का मैनुअल और पेशाब जमा करने का रहस्य
चार्जशीट में एक और बेहद अजीब और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। नूंह में जिस घर में उमर ने शरण ली थी, वहां की मकान मालिक ने देखा था कि वह अपना पेशाब पॉलीथीन बैग में जमा कर रहा था और उसे फेंकने बाहर नहीं जाता था। कमरे से आ रही बदबू की वजह से महिला ने अपने पति से इसकी शिकायत भी की थी। जब NIA ने आरोपियों के पास से जब्त पेन ड्राइव की जांच की, तो उसमें यूरिया नाइट्रेट से विस्फोटक बनाने का एक नया तरीका मिला, जिसमें यूरिया प्राप्त करने का एक विकल्प पेशाब (Urine) बताया गया था। जांच में उनके पास से अल-कायदा इन द अरेबियन पेनिनसुला (AQAP) की 'इंस्पायर' मैगजीन से जुड़ा 'लोन मुजाहिद पॉकेट बुक' नाम का एक आतंकी मैनुअल भी बरामद हुआ। इस मॉड्यूल के लोग इसी मैनुअल को फॉलो कर रहे थे, जिसमें TATP बनाने, रिमोट डिटोनेटर तैयार करने और गाड़ियों व हथियारों से हमले करने के पूरे निर्देश लिखे हुए थे।


