
Diwali 2026 Puja Muhurat Details: हर साल कार्तिक मास की अमावस्या पर दिवाली उत्सव मनाया जाता है। इस पर्व से जुड़ी अनेक मान्यताएं और परंपराएं हैं, जो इसे और भी खास बनाती हैं। इस दिन मुख्य रूप से धन की देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ये पूजा शुभ मुहूर्त देखकर की जाती है। दिवाली पर आप अपनी इच्छा अनुसार घर-दुकान, ऑफिस में अलग-अलग मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं। ऐसा करने से और भी अधिक शुभ फल मिलते हैं। आगे नोट कीजिए दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के शुभ मुहूर्त…
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दिवाली पर ऑफिस-दुकान और कारखानों में भी लक्ष्मी पूजा विशेष रूप से की जाती है। 8 नवंबर, रविवार को इन स्थानों पर पूजा के कईं शुभ मुहूर्त हैं, जिनकी डिटेल इस प्रकार है-
लाभ मुहूर्त- सुबह 09:24 से 10:47 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त-सुबह 11:48 से दोपहर 12:33 तक
कुंभ स्थिर लग्न- दोपहर 1:27 से 2:55 बजे
वृषभ स्थिर लग्न- शाम 5:55 से 7:51 बजे
सिंह स्थिर लग्न- रात 12:27 से 2:45 बजे
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8 नवंबर, रविवार को घर में लक्ष्मी पूजा के श्रेष्ठ कईं श्रेष्ठ मुहूर्त हैं। इन मुहूर्तों में की गई लक्ष्मी पूजा घर में सुख-शांति और समृद्धि लेकर आती है। ये हैं लक्ष्मी पूजा के शुभ मुहूर्त-
गोधूलि बेला मुहूर्त- शाम 05:19 से 06:07 तक
प्रदोष काल मुहूर्त- शाम 05:45 से रात 08:09 तक
वृषभ लग्न- शाम 5:55 से 7:51 बजे
अमृत मुहूर्त- रात 8:57 से 10:34 बजे तक
सिंह लग्न- रात 12:27 से 2:45 बजे
दिवाली पर देवी लक्ष्मी के साथ विद्या की देवी सरस्वती की पूजा का भी विधान है। इसके बिना दिवाली पूजा पूरी नहीं मानी जाती। ये पूजा विद्यार्थियों को खासतौर पर करनी चाहिए। ये हैं सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त-
अभिजीत मुहूर्त-सुबह 11:48 से दोपहर 12:33 तक
चर मुहूर्त- शाम 4:55 से 7:21 बजे तक
8 नवंबर, रविवार को किसानों के लिए या कृषि संबंधित काम करने वाले लोगों के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है-
शुभ मुहूर्त- दोपहर 1:34 से 2:57 बजे तक
गोधूलि बेला मुहूर्त- शाम 05:19 से 06:07 तक
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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