
Diwali 2026 Choghdiya Muhurat: इस बार दिवाली 8 नवंबर, रविवार को है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि दिवाली की शाम शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस बार दिवाली पर प्रदोष काल, गोधूलि बेला और कई शुभ चौघड़िया मुहूर्त रहेंगे। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मितेश पाण्डे से जानें दिवाली 2026 पर पूजा का शुभ मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और स्थिर लग्न का समय…
पंचांग के अनुसार, 8 नवंबर रविवार को दिवाली पर प्रदोष काल शाम 5 बजकर 45 मिनट से रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। मां लक्ष्मी की पूजा के लिए प्रदोष काल को विशेष महत्व दिया जाता है। इस दौरान घर और मंदिर में दीपक जलाकर विधि-विधान से लक्ष्मी-गणेश की पूजा कर सकते हैं।
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दिवाली पर गोधूलि बेला का शुभ समय शाम 5 बजकर 19 मिनट से 6 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। इस समय भी दीपदान और पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है।
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दिवाली पर पूजा-पाठ और दूसरे शुभ काम करने के लिए चौघड़िया मुहूर्त भी देखे जा सकते हैं। इस दिन के प्रमुख चौघड़िया मुहूर्त इस प्रकार हैं।
चर मुहूर्त: सुबह 8:00 से 9:24 बजे तक
लाभ मुहूर्त: सुबह 9:24 से 10:47 बजे तक
अमृत मुहूर्त: सुबह 10:47 से दोपहर 12:10 बजे तक
शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:34 से 2:57 बजे तक
चर मुहूर्त: शाम 4:55 से 7:21 बजे तक
अमृत मुहूर्त: रात 8:57 से 10:34 बजे तक
लाभ मुहूर्त: रात 1:48 से 3:24 बजे तक
दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए स्थिर लग्न का भी विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि स्थिर लग्न में पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य बना रहता है। इस दिन चार स्थिर लग्न के मुहूर्त रहेंगे।
- सुबह 7:21 से 9:40 बजे (वृश्चिक लग्न)
- दोपहर 1:27 से 2:55 बजे (वृश्चिक लग्न)
- शाम 5:55 से 7:51 बजे (वृषभ लग्न)
- रात 12:27 से 2:45 बजे (सिंह लग्न)
ज्योतिष शास्त्र में अभिजीत मुहूर्त का विशेष महत्व बतया गया है। इस बार दिवाली पर अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।
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