Dussehra Pujan Mantra: दशहरा पूजन कैसे करें ? विजयादशमी पर पढ़ें 10 शक्तिशाली मंत्र

Published : Oct 20, 2026, 02:00 PM IST
dussehra pujan mantra

सार

Dussehra pujan mantra: दशहरा पूजा के 10 मंत्र हिंदी में जानें। भगवान श्रीराम, मां दुर्गा, शमी वृक्ष और माता अपराजिता के मंत्रों के अर्थ के साथ घर पर विजयादशमी पूजा करें।

देशभर में दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम की पूजा करने, मां दुर्गा का स्मरण करने, शमी वृक्ष की आराधना और शस्त्र पूजन की परंपरा है। मान्यता है कि विजयादशमी पर श्रद्धा से पूजा करने और मंत्रों का जाप करने से मन में साहस, सकारात्मकता और नए कार्यों के प्रति उत्साह बढ़ता है। अगर आप भी दशहरे पर घर में पूजा करना चाहते हैं, तो यहां जानिए 10 दशहरा पूजा मंत्र के बारे में।

दशहरा पूजन के 10 मंत्र (Dussehra Pujan Mantra in Hindi)

1. भगवान श्रीराम का सरल मंत्र

  • ॐ श्री रामाय नमः॥
  • अर्थ: भगवान श्रीराम को नमन है। यह मंत्र मर्यादा, धैर्य, साहस और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
  • जाप कैसे करें: भगवान श्रीराम की तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और शांत मन से इस मंत्र का 11 या 21 बार जाप करें।

2. भगवान श्रीराम का विजय मंत्र

  • रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे।
  • रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः॥
  • अर्थ: भगवान श्रीराम, रामभद्र, रामचंद्र, रघुनाथ और माता सीता के स्वामी को नमन है।
  • जाप कैसे करें: दशहरे की पूजा में भगवान राम को फूल अर्पित करके इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करें। यह मंत्र रामभक्ति और उनके आदर्शों का स्मरण करने के लिए पढ़ा जाता है।

3. श्रीराम नाम जाप मंत्र

  • श्री राम जय राम जय जय राम॥
  • अर्थ: भगवान श्रीराम की जय हो। यह एक सरल नाम-जाप है, जिसे आसानी से याद रखा जा सकता है।
  • जाप कैसे करें: अगर आपको लंबे मंत्र याद नहीं रहते, तो इस मंत्र का 11, 21 या अपनी सुविधानुसार अधिक बार जाप कर सकते हैं।

4. माता अपराजिता का पूजा मंत्र

  • ॐ अपराजितायै नमः॥
  • अर्थ: कभी पराजित न होने वाली देवी अपराजिता को नमन है।
  • जाप कैसे करें: विजयादशमी पर देवी अपराजिता का स्मरण करते हुए फूल और अक्षत अर्पित करें। परंपरा के अनुसार यह पूजा विजय मुहूर्त या अपराह्न काल में की जाती है।

5. दशहरा पूजन मंत्र

  • मां दुर्गा का मंत्र
  • ॐ दुं दुर्गायै नमः॥
  • अर्थ: मां दुर्गा को नमन है, जो अपने भक्तों को साहस और शक्ति प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजी जाती हैं।
  • जाप कैसे करें: मां दुर्गा की तस्वीर के सामने बैठकर दीपक जलाएं और इस मंत्र का 11 बार जाप करें। नवरात्रि के समापन पर भी मां का स्मरण किया जा सकता है।

6. मां दुर्गा की प्रसिद्ध स्तुति

  • सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
  • शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते॥
  • अर्थ: हे मां नारायणी! आप सभी मंगलों में श्रेष्ठ, कल्याण करने वाली और अपने भक्तों को शरण देने वाली हैं। आपको नमस्कार है।
  • जाप कैसे करें: मां दुर्गा को लाल या पीले फूल अर्पित करके इस स्तुति का पाठ करें। आप इसे पूजा के अंत में भी पढ़ सकते हैं।

7. शमी वृक्ष की पूजा का मंत्र

  • शमी शमयते पापं शमी शत्रुविनाशिनी।
  • अर्जुनस्य धनुर्धारी रामस्य प्रियदर्शिनी॥
  • अर्थ: इस पारंपरिक श्लोक में शमी वृक्ष की महिमा का वर्णन करते हुए उससे अमंगल दूर करने और कल्याण की कामना की जाती है।
  • जाप कैसे करें: जहां शमी वृक्ष उपलब्ध हो, वहां श्रद्धापूर्वक उसकी पूजा करें। जल, पुष्प या शमी के पत्ते अर्पित करने की परंपरा है। पेड़ को नुकसान न पहुंचाएं और स्थानीय परंपरा के अनुसार पूजा करें।

8. मां दुर्गा के लिए शक्ति मंत्र

  • ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
  • अर्थ: यह देवी चामुंडा की उपासना में प्रयुक्त एक बीज मंत्र है। इसका संबंध देवी शक्ति की आराधना से है।
  • जाप कैसे करें: यदि आप इस मंत्र से परिचित हैं, तो श्रद्धापूर्वक इसका जाप कर सकते हैं। तांत्रिक अनुष्ठान या विशेष साधना के लिए योग्य गुरु का मार्गदर्शन लेना उचित है।

9. हनुमान जी का स्मरण मंत्र

  • ॐ हनुमते नमः॥
  • अर्थ: भगवान हनुमान को नमन है। उन्हें शक्ति, भक्ति, साहस और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
  • जाप कैसे करें: भगवान राम की पूजा के साथ हनुमान जी का स्मरण करना चाहें, तो इस मंत्र का 11 बार जाप करें।

10. भगवान राम की विजय के लिए प्रार्थना

  • जय श्री राम॥
  • अर्थ: भगवान श्रीराम की जय हो। यह संक्षिप्त उद्घोष धर्म, सत्य और मर्यादा की विजय का स्मरण कराता है।
  • जाप कैसे करें: पूजा के अंत में श्रद्धापूर्वक जय श्रीराम बोलें और अपने परिवार की सुख-शांति तथा सभी के कल्याण की प्रार्थना करें।

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