
Gudi Padwa 2026 Shubh Muhurat: गुड़ी पड़वा हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। ये पर्व हिंदू नववर्ष के पहले दिन यानी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मनाया जाता है। इस दिन महाराष्ट्रीय परिवार के लोग खास तैयारी करते हैं। इसलिए महाराष्ट्र में इसकी सबसे ज्यादा रौनक देखने को मिलती है। इस बार गुड़ी पड़वा का पर्व 19 मार्च, गुरुवार को मनाया जाएगा। आगे जानिए गुड़ी पड़वा के शुभ मुहूर्त व अन्य डिटेल…
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- सुबह 06:52 से 07:43 तक
- दोपहर 12:05 से 12:53 तक (अभिजीत मुहूर्त)
- सुबह 10:58 से दोपहर 12:29 तक
- दोपहर 12:29 से 02:00 तक
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- गुड़ी पड़वा की सुबह स्नान आदि करने के बाद पारंपरिक वस्त्र यानी धोती-कुर्ता या कुर्ता-पायजामा पहनना चाहिए।
- ऊपर बताए किसी भी शुभ मुहूर्त में घर के मुख्य द्वार पर गुड़ी स्थापित करें और इसकी विधि-विधान से पूजा करें।
- गुड़ी बनाने के लिए एक छड़ी के सिरे पर तांबे के लोटे को रख इस पर आंख-नाक, कान बनाकर देवी का स्वरूप दिया जाता है।
- इस बार रेशमी कपड़ा लपेट कर सजाते हैं। इसी की पूजा की जाती है। इस दिन मुख्य द्वार पर सुंदर रंगोली बनाई जाती हैं।
- गुड़ी पड़वा पर पूरन पोली, श्रीखंड और पूरी-चना का प्रसाद मुख्य रूप से चढ़ाया जाता है।
जब शिवाजी ने मुगलों को पराजित किया तो खुशी में लोगों ने अपने घरों के बाहर विजय ध्वज लहराएं। उस दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी हिंदू नववर्ष भी था। तभी से गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जा रहा है। गुड़ी एक तरह से ध्वज का प्रतीक होती है, जिसे सुख-समृद्धि और विजय का चिह्न माना जाता है। इसे लोग अपने घरों के दरवाजे, खिड़की या बालकनी में लगाते हैं। मान्यता है गुड़ी को घर में ऊंचाई वाले स्थान पर लगाने से बुरी शक्तियां दूर रहती हैं।
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