
Hanuman Mantra In Hindi: चैत्र पूर्णिमा तिथि पर हर साल हनुमान जयंती का पर्व मनाया जाता है, इसे हनुमान जन्मोत्सव भी कहते हैं। इस बार ये पर्व 2 अप्रैल, गुरुवार को है। इस दिन हनुमानजी की पूजा, उपाय आदि करने का विशेष महत्व है। विद्वनों का कहना है कि हनुमान जन्मोतस्व पर यदि कुछ खास मंत्रों का जाप किया जाए तो बड़े से बड़े संकट को भी टाला जा सकता है। ये मंत्र बहुत ही आसान हैं। आगे जानिए हनुमानजी के ऐसे ही 10 सबसे शक्तिशाली मंत्र और इनके जाप की विधि…
ये भी पढ़ें-
Hanuman Jayanti 2026: जानिए हनुमान जी की पत्नी सुवर्चला देवी कौन थीं?
Hanuman Jayanti Kab Hai: 2 दिन रहेगी चैत्र पूर्णिमा, कब करें व्रत- कब मनाएं हनुमान जन्मोत्सव?
1. ऊं श्री हनुमते नमः
2. ऊं ऐं भ्रीम हनुमते श्री राम दूताय नमः
3. ऊं आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्
4. ऊं श्री वज्रदेहाय रामभक्ताय वायुपुत्राय नमोऽस्तुते
5. ऊं हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्
6. ऊं नमो भगवते पंचवदनाय आग्नेयाय हनुमते नमः
7. ऊं नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय।
सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा
8. ऊं अञ्जनीसुताय अंगदादि समेताय नमः
9. ऊं नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा
10. मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्।
वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणं प्रपद्ये
- हनुमान जन्मोत्सव यानी 2 अप्रैल, गुरुवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें।
- घर में किसी साफ स्थान पर गंगा जल छिड़ककर उसे पवित्र कर लें। यहां एक लकड़ी का पटिया रखें।
- इस पटिए के ऊपर हनुमानजी का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें। सबसे पहले हनुमानजी को तिलक लगाएं।
- इसके बाद भगवान की तस्वीर या प्रतिमा पर फूलों की माला पहनाएं और गाय के शुद्ध घी का दीपक भी जलाएं।
- पूजा करने के बाद रुद्राक्ष की माला से ऊपर बताए गए किसी भी मंत्र का जाप आप इच्छा के अनुसार करें।
- हनुमानजी के किसी भी मंत्र की कम से एक 5 माला जाप अवश्य करें। एक माला यानी 108 बार।
- मंत्र जाप करने के बाद अगर आपके मन में कोई इच्छा हो तो वह भी हनुमानजी के सामने बोल सकते हैं।
- इस तरह मंत्र जाप करने से हनुमानजी की कृपा आपके ऊपर बनी रहेगी और आप हर संकट से बचे रहेंगे।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।