हरतालिका तीज पर पढ़ें ये मंत्र और श्लोक, शिव-पार्वती की पूजा में मिलेगा अखंड सौभाग्य

Published : Sep 09, 2026, 04:33 PM IST
Hartalika Teej Mantra in Hindi

सार

Hartalika Teej 2026 Mantra Shloka: हरतालिका तीज 206 पर पूजा के दौरान पढ़ें भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़े 10 मंत्र और श्लोक। यहां जानें मंत्रों का हिंदी अर्थ और पूजा में पढ़ने का सही तरीका।

Hartalika Teej Mantra & Shloka in Hindi: हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखा जाएगा। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने की कामना से माता पार्वती की पूजा करती हैं। इस पूजा के दौरान मंत्रों और श्लोकों का पाठ करने से मन एकाग्र होता है। अगर आप भी हरतालिका तीज 2026 की पूजा करने वाली हैं तो पूजा के दौरान शिव-पार्वती से जुड़े 10 श्लोक और मंत्र पढ़ें। यहां जानें उनके बारे में और अर्थ।

हरतालिका तीज 2026 मंत्र और श्लोक

1 ) ओम नम शिवाय

  • अर्थ- भगवान शिव को मेरा सादर नमन है। यह भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र है जो शिव पूजा में सबसे सरल मंत्रों में एक माना जाता है।
  • कैसे पढ़ें- हरतालिका तीज पर शिवलिंग पर जल अर्पित करते हुए आप इसका जाप कर सकती हैं।

2) ओम उमामहेश्वराभ्याम नमा:

  • अर्थ- माता उमा और भगवान महेश यानी महादेव को मेरा नमन है।
  • कैसे पढ़ें- तीज उपवास में पूजा या आरती के दौरान शिव और शक्ति स्वरूप का स्मरण करते हुए इसे पढ़ सकती हैं।

3) कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा, बुद्ध्यात्मना वा प्रकृते स्वभावात

करोमि यद्यत् सकलं परस्मै, नारायणयेति समपर्यामि

  • अर्थ- मावन शरीर, वाणी, मन, इंद्रियों, बुद्धि या स्वभाव से मैं जो भी कर्म करती हैं, वो परमात्मा को सर्पित है। जय महादेव !
  • कैसे पढ़ें- व्रत की पूजा होने के बाद ईश्वर को अपने सभी कर्म समर्पित करने के भाव इसका पाठ किया जा सकता है।

4) ओम शिवपार्वत्यै नम:

  • अर्थ- भगवान शिव और माता पार्वती को मेरा सादर प्रणाम
  • कैसे पढ़ें- हरतालिका तीज पर मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। आप इस मंत्र को पूजा से किसी भी दौरान पढ़ सकते हैं।

5) ओम ऐं ह्नीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

  • अर्थ- यह देवी शक्ति का प्रसिद्ध बीज मंत्र हैं, जिसके माध्यम से आदिशक्ति की स्मरण और आराधना की जाती है। आप भी इसका स्मरण कर सकते हैं।
  • कैसे पढ़ें- यदि आप मंत्रों के उच्चारण को लेकर परेशान रहते हैं तो हरतालिक पर इस सरल मंत्र का जाप कर सकते हैं।

6) या देवी सर्वभूतेषु मातृरुपेण संस्थिता

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमा:

  • अर्थ- यह मंत्र चारों जगों का संताप हरने वाली मां आदिशक्ति से संबंधित हैं। इसका अर्थ है कि जो जो देवी सभी प्राणियों में माता के रूप में विराजमान हैं, उन्हें मैं बार-बार नमन करती हूं।
  • कैसे पढ़ें- हरतालिका तीज पर मां पार्वती की पूजा करने से पहले इसे पढ़ा जा सकता है।

7) करचरण कृतम वाक्कायजम कर्मजम वा, श्रवणनयनजम वा मानसम वापराधम

विविहतमविहितम वा सर्वमेतत्क्षमस्व, जय जय करुणाब्धे श्रीप्रभो शंकराय ।

  • अर्थ- हे सबके प्रिय भगवान शिव ! हाथ-पैरे, वाणी, शरीर, कान, आंखों और मन से जाने-अंजाने में हुए सभी अपराधों को क्षमा करें।
  • कैसे पढ़ें- पूजा के अंत में भगवान से जाने-अनजाने में किए पाप की माफी मांगने हेतु इसका पाठ कर सकते हैं।

8) नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्माड्गरागाय महेश्वराय

नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय, तस्मै नकाराय नमा शिवाय !

अर्थ- जो सांप को हार के रूप में गले में धारण करते हैं, जिनके तीन नेत्र हैं, जो भस्म से विभूषित हैं। ऐसे भगवान शिव को मेरा नमन हैं।

9) ओम शिवायै शिवरूपिण्यै नम:

अर्थ- शिव स्वरूपा माता पार्वती को नमन है।

कब पढ़ें- हरतालिका तीज पूजा विधि में शिव-पार्वती का संयुक्त ध्यान करते हुए इसका पाठ किया जा सकता है।

10) ओम तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्र प्रचोदयात !

अर्थ- हम परम पुरुष महादेव का ध्यान करते हैं। भगवान रुद्र महारी बुद्धि को सही दिशा में प्रेरित करें।

मंत्र पढ़ते समय ध्यान रखें ये बातें

  • मंत्रों का जाप श्रद्धा और शांत मन से करें
  • कसी मंत्र का उच्चारण ठीक से न याद हो तो सरल मंत्र का जाप करें
  • पूजा में संख्या से ज्यादा भाव और श्रद्धा को महत्व दें

हरतालिका तीज पूजन विधि

  • तड़के सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें
  • भगवान शिव और माता पार्वती के ध्यान का संकल्प लें
  • चौकी पर साफ कर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें
  • पूजा स्थान पर जल से भरा कलश रखें और ऊपर से नारियल स्थापित करें
  • सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा कर उन्हें अक्षत, फूल, दूर्वा अर्पित करें
  • शिव पूजन में महादेव को जल अर्पित करके, चंदन, अक्षत और बेलपत्र चढ़ाएं
  • मां पार्वती की पूजा में माता गौरी को सुहाग का सामान जैसी चुनरी, बिंदी, चूड़ी अर्पित करें
  • पूजा के दौरान ऊपर बताए गए मंत्रों या श्लोकों का जाप करें
  • पूजा के वक्त हरतालिका तीज व्रत कथा का पाठ करें
  • भगवान शिव और माता पार्वती तो फल, मिठाई समेत सात्विक भोजन का भोग लगाएं
  • पूजा के अंत में धूप और दीप जालकर आरती करें
  • हाथ जोड़कर सुखी दांपत्य जीवन, पति की दीर्घायु और खुशहाली की प्रार्थना करें

Disclaimer

इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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