Hartalika Teej Vrat Paran: हरतालिका तीज व्रत का पारण कब करें? 15 सितंबर को इस समय के बाद खोलें व्रत

Published : Sep 14, 2026, 03:03 PM IST
hartalika teej vrat

सार

Hartalika Teej Paran Vidhi: हरतालिका तीज व्रत का पारण 15 सितंबर को कब करें? जानें व्रत खोलने का सही समय, पारण से पहले की पूजा विधि और किन बातों का रखना चाहिए ध्यान।

हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं 14 सितंबर को रख रही हैं। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। कई महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और अगले दिन पूजा के बाद व्रत का पारण करती हैं। इस बार तीज व्रत का पारण 15 सितंबर को किया जाएगा। हालांकि पारण का सटीक समय शहर और स्थानीय पंचांग के अनुसार बदल जाता है। आप सूर्योदय और पंचांग के अनुसार पारण का समय देख सकती हैं।

इस समय के बाद करें व्रत का पारण

हरतालिका तीज व्रत का पारण आप अगले दिन (15 सितंबर) सूर्योदय के बाद कर सकती हैं। सुबह लगभग 5:54 बजे से लेकर 7:44 बजे के बीच व्रत का पारण करना सही रहेगा। व्रत रखने वाली महिलाओं को सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद पूजा का समापन कर व्रत खोला जाता है।

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पारण से पहले करें शिव-पार्वती की पूजा

  • तीज का व्रत खोलने से पहले सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थान को साफ करें।
  • अब भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें। उन्हें फूल, अक्षत, चंदन, फल और अन्य पूजा सामग्री चढ़ाएं
  • अगर आपने हरतालिका तीज के लिए भगवान शिव-पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा बनाई है, तो अपनी उसकी पूजा करें।
  • पारण से पहले भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। इसके बाद हाथ जोड़कर पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
  • पूजा के बाद शिव-पार्वती को चढ़ाए गए प्रसाद को ग्रहण करके व्रत का पारण करें।
  • निर्जला व्रत रखने के बाद अगले दिन पारण के बाद भारी भोजन करने से बचें। पहले पानी या हल्का तरल पदार्थ का सेवन करें।

सुहाग का सामान दान करें

हरतालिका तीज की पूजा में सुहाग सामग्री चढ़ाई जाती है। आप सिंदूर की मदद से सुहाग लेने के बाद सुहाग सामग्री, फल या अन्य वस्तुएं दान कर सकती हैं। अक्सर परिवार की महिलाएं आपस में सुहाग की सामग्री बांट लेती हैं।

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