
हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं 14 सितंबर को रख रही हैं। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। कई महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और अगले दिन पूजा के बाद व्रत का पारण करती हैं। इस बार तीज व्रत का पारण 15 सितंबर को किया जाएगा। हालांकि पारण का सटीक समय शहर और स्थानीय पंचांग के अनुसार बदल जाता है। आप सूर्योदय और पंचांग के अनुसार पारण का समय देख सकती हैं।
हरतालिका तीज व्रत का पारण आप अगले दिन (15 सितंबर) सूर्योदय के बाद कर सकती हैं। सुबह लगभग 5:54 बजे से लेकर 7:44 बजे के बीच व्रत का पारण करना सही रहेगा। व्रत रखने वाली महिलाओं को सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद पूजा का समापन कर व्रत खोला जाता है।
हरतालिका तीज की पूजा में सुहाग सामग्री चढ़ाई जाती है। आप सिंदूर की मदद से सुहाग लेने के बाद सुहाग सामग्री, फल या अन्य वस्तुएं दान कर सकती हैं। अक्सर परिवार की महिलाएं आपस में सुहाग की सामग्री बांट लेती हैं।
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