Bhutdi Amavasya 2026: कब है भूतड़ी अमावस्या, 18 या 19 मार्च? जानें महत्व और उपाय

Published : Mar 06, 2026, 05:39 PM IST
Bhutadi-Amavasya-2026

सार

Bhutdi Amavasya 2026 Date: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना गया है। इसे पितरों की तिथि माना गया है। एक साल में कुल 12 अमावस्या तिथि आती है। इनमें से चैत्र मास की अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या कहते हैं। 

Kab Hai Bhutdi Amavasya 2026: ज्योतिष शास्त्र में 16 तिथियां बताई गई है। इनमें से प्रतिपदा से लेकर चतुर्दशी तक की तिथि दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) में समान होती है। कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या कहते हैं। इस दिन चंद्रमा दिखाई नहीं देता। इस तिथि का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है क्योंकि इसके स्वामी पितृदेव हैं। एक साल में 12 अमावस्या तिथि होती है। इनमें से चैत्र मास की अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या कहा जाता है। आगे जानिए साल 2026 में भूतड़ी अमावस्या कब है और इसका महत्व…

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कब है भूतड़ी अमावस्या 2026?

पंचांग के अनुसार इस बार चैत्र मास की अमावस्या तिथि 18 मार्च, बुधवार की सुबह 08 बजकर 25 मिनिट से शुरू होगी, जो 19 मार्च, गुरुवार की सुबह 06 बजकर 53 मिनिट तक रहेगी। चूंकि अमावस्या तिथि 18 मार्च को दिन भर रहेगी, इसलिए इसी दिन भूतड़ी अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन ग्रहों की स्थिति से कईं शुभ योग बनेंगे, जिससे इस तिथि का महत्व और भी अधिक हो जाएगा।

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क्यों खास है भूतड़ी अमावस्या?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भूतड़ी अमावस्या के दिन निगेटिव शक्तियां यानी भूत-प्रेत अपने उग्र रूप में होते हैं। जिन लोगों पर इनका प्रभाव होता है, उन्हें इस दिन पवित्र नदी में स्नान करवाया जाता है। भूतड़ी अमावस्या पर मध्य प्रदेश के नर्मटा के तट पर धाराजी नामक स्थान पर मेला लगता है। इस दिन यहां लाखों लोग स्नान करने आते हैं। उज्जैन में क्षिप्रा नदी में भी ऐसा ही मेला लगता है।

क्या उपाय करें भूतड़ी अमावस्या पर?

1. अमावस्या पितरों की तिथि है, इसलिए इस दिन पितरों की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जरूर करना चाहिए।
2. जिन लोगों पर निगेटिव शक्तियों का प्रभाव है, उन्हें इस दिन पवित्र नदी में स्नान जरूर करना चाहिए। इससे उनकी परेशानी कम हो सकती है।
3. अमावस्या तिथि पर दान का विशेष महत्व है। इस दिन जरूरतमंदों को अनाज, भोजन आदि चीजों का दान करना चाहिए।
4. भूतड़ी अमावस्या पर पितृ स्त्रोत का पाठ करने से परेशानियां कम होती हैं।
5. भूतड़ी अमावस्या के मौके पर गाय को हरा चारा खिलाएं, मछलियों के लिए आटे की गोलियां बनाकर नदी में डालें।



Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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