Karwa Chauth Kab Hai: करवा चौथ कितनी तारीख को है? जानें व्रत विधि, पूजा मुहूर्त

Published : Oct 22, 2026, 12:50 PM IST
Karwa Chauth date 2026

सार

Karwa Chauth date 2026: करवा चौथ कब की है? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, चांद निकलने का समय, व्रत की विधि, सरगी, पूजा सामग्री और प्रेग्नेंसी व पीरियड्स में व्रत से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब।

करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं जान लें कि इस साल करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। सुबह सरगी खाने से लेकर शाम को करवा चौथ की पूजा और रात में चांद को अर्घ्य देने तक, इस त्योहार से जुड़ी कई परंपराएं निभाई जाती हैं। अगर आप भी खोज रही हैं कि करवा चौथ कितनी तारीख को है, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है और चांद कितने बजे निकलेगा, तो यहां आपको जरूरी जानकारी मिलेगी। पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के साथ-साथ प्रेग्नेंट महिलाओं और पीरियड्स के दौरान व्रत रखने को लेकर मन में उठने वाले सवालों के जवाब भी जानिए।

करवा चौथ 2026 कब है? जानें सही तारीख और दिन

करवा चौथ का व्रत इस साल 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। अलग-अलग पंचांगों में मास का नाम अमांत और पूर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार अलग हो सकता है, लेकिन इस साल व्रत की तारीख 29 अक्टूबर ही है।

करवा चौथ 2026 शुभ मुहूर्त और चांद निकलने का समय

करवा चौथ पर पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाएं पहले से पूजा का समय और चांद निकलने का समय जानना चाहती हैं। दिल्ली के लिए करवा चौथ 2026 का पूजा मुहूर्त शाम 5:46 बजे से 7:01 बजे तक है। यहां चंद्रोदय का अनुमानित समय रात 8:41 बजे है। ध्यान रखें कि दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, हैदराबाद और दूसरे शहरों में चांद निकलने का समय अलग हो सकता है। इसलिए अपने शहर का पंचांग देखकर ही पूजा और व्रत खोलने का समय तय करें।

करवा चौथ की पूजा के लिए क्या-क्या सामान चाहिए?

करवा चौथ की पूजा के लिए जरूरी सामान पहले से तैयार कर लें। इससे पूजा के समय किसी चीज की कमी नहीं होगी।

  • मिट्टी का करवा या कलश
  • पूजा की थाली और दीपक
  • रोली, कुमकुम, अक्षत और हल्दी
  • फूल और फल
  • जल से भरा लोटा
  • मिठाई या घर में बना प्रसाद
  • छलनी
  • माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की तस्वीर
  • करवा चौथ की कथा की पुस्तक
  • चूड़ियां, सिंदूर, चुनरी जैसी सुहाग सामग्री

करवा चौथ की पूजा विधि: सुबह से रात तक क्या करें?

1. सुबह सरगी खाकर व्रत शुरू करें

करवा चौथ पर सरगी खाने की परंपरा है। इसे सूर्योदय से पहले खाया जाता है। सरगी में फल, दूध, दही, मेवे और दूसरी पौष्टिक चीजें शामिल कर सकती हैं। इसके बाद महिलाएं अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत शुरू करती हैं।

2. स्नान करके व्रत का संकल्प लें

सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें और भगवान का स्मरण करें। अपने पति के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ व्रत का संकल्प लें।

3. शाम को करवा चौथ की पूजा करें

शाम को पूजा की जगह साफ करें। चौकी पर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की तस्वीर रखें। करवा में जल भरें और पूजा की थाली तैयार करें। शुभ मुहूर्त में दीपक जलाकर रोली, अक्षत और फूल अर्पित करें।

4. करवा चौथ की कहानी पढ़ें या सुनें

पूजा के दौरान करवा चौथ की कथा सुनने या पढ़ने की परंपरा है। कथा के बाद माता करवा और भगवान शिव-पार्वती का स्मरण करें। कई परिवारों में महिलाएं एक साथ बैठकर कथा सुनती हैं और पूजा की थाली साझा करती हैं।

5. चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोलें

रात में चंद्रमा दिखाई देने पर जल अर्पित करें। कई परिवारों में छलनी से चांद देखने के बाद पति का चेहरा देखने की परंपरा है। इसके बाद पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोला जाता है। घर की परंपरा के अनुसार पूजा करने के तरीके अलग हो सकते हैं।

करवा चौथ की कहानी: क्यों रखा जाता है यह व्रत?

करवा चौथ की पूजा में व्रत की कहानी सुनने का विशेष महत्व माना जाता है। इस त्योहार से जुड़ी अलग-अलग लोककथाएं प्रचलित हैं। उनमें से एक प्रसिद्ध कथा वीरवती की है।

पौराणिक लोककथा के अनुसार, वीरवती अपने भाइयों की लाडली बहन थी। विवाह के बाद उसने पहली बार करवा चौथ का व्रत रखा। दिनभर भूखी-प्यासी रहने के कारण वह काफी कमजोर हो गई। अपनी बहन की परेशानी देखकर उसके भाइयों से रहा नहीं गया। उन्होंने दूर पेड़ के पीछे रोशनी दिखाकर उसे चांद निकलने का भ्रम दिया।वीरवती ने उस रोशनी को चांद समझकर व्रत खोल लिया। लोककथा के अनुसार, इसके बाद उसे अपने पति के संकट की खबर मिली। वह दुखी हुई और उसने पूरे मन से देवी की प्रार्थना की। उसकी श्रद्धा और प्रार्थना से जुड़ी इस कथा को करवा चौथ के व्रत के महत्व के रूप में सुनाया जाता है।

करवा चौथ पर चांद की पूजा क्यों करते हैं?

करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा त्योहार की सबसे खास परंपराओं में से एक है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में चंद्रमा को शीतलता, मन की शांति और शुभता से जोड़ा जाता है। महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना करती हैं।

पहली बार करवा चौथ का व्रत रख रही हैं? इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने जा रही हैं, तो पूजा की तैयारी के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।

  • सरगी की सामग्री एक दिन पहले तैयार कर लें।
  • सुबह क्या खाना है, इसकी योजना पहले से बना लें।
  • पूजा का मुहूर्त और अपने शहर में चंद्रोदय का समय देख लें।
  • पूजा की विधि और कथा के बारे में घर के बड़ों से पूछ लें।
  • दिनभर ज्यादा मेहनत करने और धूप में रहने से बचें।

प्रेग्नेंट महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखें या नहीं?

प्रेग्नेंसी में करवा चौथ का व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान शरीर को पर्याप्त पानी, ऊर्जा और पोषण की जरूरत होती है। लंबे समय तक बिना भोजन और पानी के रहने से डिहाइड्रेशन और कमजोरी हो सकती है।

  • व्रत रखने से पहले अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के निर्जला व्रत न रखें।
  • चाहें तो बिना उपवास किए पूजा, कथा और प्रार्थना में शामिल हो सकती हैं।

पीरियड्स में करवा चौथ का व्रत और पूजा कैसे करें?

पीरियड्स के दौरान करवा चौथ का व्रत रखने और पूजा करने को लेकर अलग-अलग परिवारों में अलग मान्यताएं हैं। कुछ परिवारों में इस दौरान प्रत्यक्ष पूजा से परहेज किया जाता है, जबकि कुछ परिवारों में महिलाएं अपनी परंपरा के अनुसार व्रत और पूजा करती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से पीरियड्स आना अपने आप में उपवास पर रोक नहीं है। हालांकि, अगर आपको ज्यादा रक्तस्राव, एनीमिया, चक्कर, तेज दर्द या कमजोरी की समस्या है, तो लंबे समय तक बिना पानी के रहना सुरक्षित नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में अपनी सेहत को प्राथमिकता दें। परिवार की धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा में शामिल होने का तरीका चुन सकती हैं या मन ही मन प्रार्थना कर सकती हैं। पीरियड्स एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, इसलिए इस दौरान पूजा करने या न करने के फैसले को लेकर खुद को दोषी महसूस करने की जरूरत नहीं है।

करवा चौथ के बाद दिवाली कब है?

करवा चौथ के बाद दिवाली का त्योहार आता है। अगर आप त्योहारों की तैयारी कर रही हैं, तो इन तारीखों को भी नोट कर लें।

  • शरद पूर्णिमा 2026: 25 अक्टूबर, रविवार
  • करवा चौथ 2026: 29 अक्टूबर, गुरुवार
  • दिवाली 2026: 8 नवंबर, रविवार

शरद पूर्णिमा की तारीख और दिवाली की तारीख प्रकाशित पंचांग और कैलेंडर के अनुसार हैं।

करवा चौथ 2026 से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. करवा चौथ कब पड़ेगा?

करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।

2. करवा चौथ कितनी तारीख को है?

साल 2026 में करवा चौथ 29 अक्टूबर को है। यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है।

3. करवा चौथ किस दिन है?

इस साल करवा चौथ गुरुवार को पड़ रहा है।

4. 2026 में करवा चौथ कब है?

2026 में करवा चौथ 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पूजा और चांद निकलने का समय शहर के अनुसार अलग हो सकता है।

5. शरद पूर्णिमा कब है?

साल 2026 में शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर, रविवार को है।

6. दिवाली कब है?

2026 में दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी।

7. क्या करवा चौथ पर पानी पी सकते हैं?

परंपरागत रूप से कई महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, लेकिन यह सभी के लिए सुरक्षित नहीं है। गर्भावस्था, बीमारी या दूसरी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपवास करें।

Disclaimer

इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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