
2026 Me Rang Panchami Kab Hai: हिंदू धर्म में रंगों से जुड़े कईं त्योहार मनाए जाते हैं, रंग पंचमी भी इनमें से एक है। ये पर्व चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस बार ये तिथि 8 मार्च, रविवार को है यानी इसी दिन रंग पंचमी का उत्सव मनाया जाएगा। इस लोग एक-दूसरे को पक्का रंग लगाकर बधाइयां देते हैं। वैसे तो ये उत्सव पूरे देश में मनाया जाता है लेकिन इसकी सबसे ज्यादा धूम मध्य प्रदेश के उज्जैन, इंदौर और इसके आस-पास के क्षेत्रों में होती है। आगे जानें क्यों मनाते हैं रंग पंचमी…
ये भी पढ़ें-
Chanakya Niti: घर बर्बाद होने से पहले मिलते हैं ये 5 संकेत, लेकिन लोग कर देते हैं अनदेखा
रंग पंचमी क्यों मनाते हैं इसके पीछे कईं मान्यताएं प्रचलित है। उसके अनुसार प्राचीन समय में हिरण्यकश्यिपु नाम का एक महापराक्री राक्षस था। वह स्वयं को ही भगवान से भी अधिक श्रेष्ठ समझता था और भगवान विष्णु को अपना दुश्मन मानता था। हिरण्यकश्यिपु का एक पुत्र था जिसका नाम प्रह्लाद था।
प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था। जब ये बात हिरण्यकश्यिपु को पता चली तो उसने अपने पुत्र को ऐसा करने से रोका लेकिन फिर भी वह नहीं माना। तब हिरण्यकश्यिपु ने अपने पुत्र को मारने का निश्चय किया और तरह-तरह से उसे मारने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया।
हिरण्यकश्यिपु की एक बहन भी थी जिसका नाम होलिका था। होलिका को अग्नि में न जलने का वरदान था। हिरण्यकश्यिपु ने प्रह्लाद को मारने के लिए अपनी बहन के साथ अग्नि में बैठा दिया लेकिन होलिका का अंत हो गया और प्रह्लाद जीवित बच गए। ये देखकर सभी लोग बहुत खुश हो गए।
ऋषि-मुनियों और भगवान के भक्तों ने जब ये चमत्कार देखा तो उन्होंने रंग-गुलाल लगाकर अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व मनाया। तभी से रंगपंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। बदलते समय के साथ ये पर्व कुछ स्थानों तक ही सीमित रह गया है इनमें मालवा की रंगपंचमी सबसे ज्यादा प्रचलित है।
ये भी पढ़ें-
Bhutdi Amavasya 2026: कब है भूतड़ी अमावस्या, 18 या 19 मार्च? जानें महत्व और उपाय
1. रंग पंचमी पर भगवान श्रीकृष्ण को पीला रंग लगाएं। इससे वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा।
2. रंग पंचमी पर हनुमानजी की पूजा करें और 5 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें।
3. रंग पंचमी पर पानी में शहद मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। इससे सेहत में लाभ होगा।
4. रंग पंचमी पर देवगुरु बृहस्पति की पूजा कर पीले फूल अर्पित करें। इससे लव लाइफ ठीक रहेगी।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।