
Gupt Navratri Upay: इन दिनों माघ मास की गुप्त नवरात्रि चल रही है। 26 जनवरी को इस गुप्त नवरात्रि की अष्टमी और 27 जनवरी को नवमी तिथि का संयोग बन रहा है। गुप्त नवरात्रि की ये दोनों ही तिथियां बहुत ही खास और शुभ फल देने वाली मानी गई है। इन दोनों तिथियों पर अगर कुछ खास उपाय किए जाएं तो दुर्भाग्य से बचा जा सकता है। खास बात ये है कि इन दोनों ही दिन कईं शुभ योग भी बन रहे हैं जिसके चलते इन तिथियों का महत्व और भी बढ़ गया है। आगे जानिए इन उपायों के बारे में…
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गुप्त नवरात्रि की अष्टमी और नवमी, दोनों ही तिथियां कन्या पूजन के लिए श्रेष्ठ मानी गई हैं। इन दोनों में से किसी भी तिथि पर 10 साल से कम उम्र की कन्याओं को घर बुलाकर भोजन करवाएं और अपनी इच्छा अनुसार उपहार देकर उन्हें विदा करें। इस उपाय से आपका दुर्भाग्य टल सकता है।
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गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिनों में आप घर में किसी योग्य विद्वान की सलाह लेकर देवी प्रतिमा का अभिषेक गाय के दूध या अन्य किसी खास द्रव्य जैसे केसर युक्त जल से कर सकते हैं। ऐसा करते समय कुछ विशेष मंत्रों का जाप भी करें। इससे आपको किस्मत का पूरा-पूरा साथ मिलेगा।
गुप्त नवरात्रि की अंतिम तिथियों में किसी मंदिर के अन्नक्षेत्र में अपनी इच्छा अनुसार अनाज का दान करें। ये अनाज दाल, चावल, गेहूं आदि कुछ भी हो सकता है। ऐसा न कर पाएं ता सब्जी आदि का दान भी कर सकते हैं। मंदिर में किया गया अन्नदान आपके जीवन की परेशानियां दूर कर सकता है।
गुप्त नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि गुप्त सिद्धियां पाने के लिए बहुत शुभ मानी गई है। इन दोनों तिथियों की रात्रि में गुप्त देवी मंत्रों का जाप करने से मनचाही सिद्धि पाई जा सकती है। मंत्र जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें।
अगर आप किसी खास काम में सफलता चाहते हैं तो इसके लिए किसी योग्य विद्वान से सलाह लेकर घर पर ही हवन करवाएं। नवरात्रि के अंतिम दिन हवन की पूर्णाहुति होती है। ये उपाय बहुत ही चमत्कारी रूप से काम करता है और दुर्भाग्य भी दूर करता है।
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