Mahakal Bhasma Aarti Today: भस्म, रुद्राक्ष और फूलों से सजे बाबा महाकाल, आप भी करें दर्शन

Published : Jun 19, 2026, 08:06 AM IST
Mahakal Bhasma Aarti Today

सार

Mahakaleshwar Temple Ujjain: 12 ज्योतिर्लिंगों में तीसरा महाकालेश्वर कहां स्थित है? भगवान महाकाल के मंदिर में रोज सुबह कौन-सी विश्व प्रसिद्ध आरती की जाती है? भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल की किस तरह श्रृंगार किया जाता है?

Mahakaleshwar Jyotirlinga Bhasma Aarti: उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शुक्रवार (19 जून 2026) सुबह ब्रह्म मुहूर्त में भस्म आरती श्रद्धा और परंपरा से की गई। मंदिर के कपाट खुलते ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। सबसे पहले सभा मंडप में स्थित भगवान वीरभद्र के सामने स्वस्तिवाचन कर पूजा की अनुमति ली गई। इसके बाद गर्भगृह के रजत द्वार खोले गए और बाबा महाकाल की विशेष पूजा आरंभ हुई।

सबसे पहले भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद, शक्कर और फलों के रस से तैयार पंचामृत से महाभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के दौरान कर्पूर आरती की गई, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।

नंदी मंडप में नंदी महाराज का भी स्नान, पूजन और ध्यान किया गया। वहीं बाबा महाकाल को चंदन, भांग, भस्म और ड्रायफ्रूट अर्पित कर अलौकिक स्वरूप प्रदान किया गया। इसके बाद रजत चंद्र, त्रिशूल मुकुट और विभिन्न आभूषणों से उनका विशेष श्रृंगार किया गया।

भस्म चढ़ाने के बाद भगवान महाकाल को चांदी से बना शेषनाग मुकुट, मुंडमाल, रुद्राक्ष की मालाएं तथा रंग-बिरंगे सुगंधित पुष्पों से सजाया गया। अंत में भगवान को फल और मिष्ठान का नैवेद्य अर्पित कर आरती संपन्न हुई। भस्म आरती में देश-विदेश से पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

धार्मिक मान्यता है कि भस्म आरती के पश्चात भगवान महाकाल भक्तों को निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं। यही कारण है कि प्रतिदिन तड़के होने वाली यह आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।

 

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