
Ujjain Mahakal First Sawari Live: भगवान शिव का प्रिय सावन मास इस बार 30 जुलाई से शुरू हो चुका है। सावन के हर सोमवार को उज्जैन में भगवान महाकाल की सवारी निकालने की परंपरा है। इस बार सावन का पहले सोमवार को यानी 3 अगस्त को बाबा महाकाल की पहली सवारी बहुत ही धूम-धाम और शाही ठाठ-बाट के साथ निकाली गई। बाबा महाकाल की पालकी शाम ठीक 4 बजे मंदिर परिसर से बाहर निकली और तय मार्गों से होते हुए शाम 7 बजे तक पुन: मंदिर में प्रवेश कर गई। सवारी में भगवान महाकाल चंद्रमौलेश्वर के रूप में अपने भक्तों को दर्शन दिए।
नए स्वरूप में निकली पहली सवारी
इस बार महाकाल मंदिर समिति ने बाबा महाकाल की सवारी को नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक सवारी एक अलग थीम पर निकाली जाएगी। 3 अगस्त को निकाली जाने वाली पहली सवारी की थीम वैदिक उद्बोधन रही। इस थीम के अंतर्गत बाबा महाकाल की सवारी में वैदिक युग की झलक देखने को मिली। सवारी निकलने से पहले महाकाल मंदिर सभा मंडप में बाबा महाकाल की पूजा जिले के बड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई। मंदिर परिसर से निकलकर बाबा महाकाल की पालकी विभिन्न मार्गो से होते हुए शिप्रा तट पहुंची। यहां सवारी का पूजन-अर्चन किया गया। वापसी में सवारी कार्तिक चोक, खाती समाज मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर होती हुई पुन: मंदिर में प्रवेश कर गई।
क्यों निकालते हैं महाकाल की सवारी?
उज्जैन शहर के लोग बाबा महाकाल को अपना राजा मानते हैं। ऐसी मान्यता है कि सावन मास के दौरान महाकाल राजा अपने भक्तों का हाल देखने नगर भ्रमण पर निकलते हैं। अपने राजा की एक झलक देखने के लिए नगरवासी भी लालायित रहते हैं। पूरे सवारी मार्ग में जगह-जगह भक्त फूल बरसाकर और जय महाकाल का उद्धोष कर अपनी उत्साह प्रकट करते हैं।
महाकाल सवारी 2026 डेट्स
दूसरी सवारी- 10 अगस्त
तीसरी सवारी- 17 अगस्त
चौथी सवारी- 24 अगस्त
पांचवी सवारी- 31 अगस्त (भादौ मास)
छठी सवारी- 7 सितंबर (भादौ मास)
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