
Mangla Gauri Vrat Katha In Hindi: सावन माह में आने वाले प्रत्येक मंगलवार को मां पार्वती के मंगलागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। इसलिए इस व्रत के मंगला गौरी के नाम से जाना जाता है। इस बार पहला मंगला गौरी व्रत 4 अगस्त को किया जाएगा। मान्यता है कि इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और पति की उम्र भी बढ़ती है। जो महिलाएं ये व्रत करती हैं, उनके लिए इस व्रत की कथा सुननी भी जरूरी है नही तो व्रत का पूरा फल नहीं मिलता। आगे पढ़ें मंगला गौरी व्रत की रोचक कथा…
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प्राचीन समय में एक नगर में एक धनवान व्यापारी अपनी पत्नी के साथ रहता था। उनके पास धन-दौलत की कोई कमी नहीं थी, लेकिन संतान न होने के कारण दोनों हमेशा दुखी रहते थे। एक दिन एक संत ने व्यापारी को मां गौरी की श्रद्धापूर्वक आराधना और सावन के मंगलवार का व्रत करने की सलाह दी।
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व्यापारी और उसकी पत्नी ने पूरे मन से मां मंगलागौरी की पूजा शुरू की। कुछ समय बाद देवी की कृपा से उन्हें एक पुत्र की प्राप्ति हुई। हालांकि ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की कि बालक की आयु बहुत कम है और विवाह के तुरंत बाद उसके जीवन पर संकट आ सकता है।
समय बीतने पर पुत्र का विवाह एक धार्मिक और संस्कारी लड़की से किया गया। विवाह के बाद एक रात मां मंगलागौरी ने उस लड़की को सपने में दर्शन देकर आने वाले संकट के बारे में बता दिया। देवी ने उसे बताया कि यदि वह पूरी श्रद्धा और विश्वास से उपाय करेगी तो अपने पति की रक्षा कर सकेगी।
सुबह होने से पहले युवती ने देवी के बताए अनुसार सभी उपाय किए। जब संकट का समय आया तो मां मंगलागौरी की कृपा से उसके पति का जीवन सुरक्षित बच गया। इसके बाद दोनों ने जीवनभर देवी की आराधना की और सुख-समृद्धि के साथ अपना जीवन व्यतीत किया।
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