Matru Navmi 2026: कब है मातृ नवमी, इस दिन किसका श्राद्ध करें? जानें 5 खास उपाय

Published : Oct 02, 2026, 11:12 AM IST
Matru Navmi 2026

सार

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष के दौरान आने वाली नवमी तिथि को मातृ नवमी कहा जाता है। इसे अविधवा नवमी के नाम से भी जाना जाता है। धर्म ग्रंथों में इस तिथि का विशेष महत्व बताया गया है।

Pitru Paksha Matru Navmi 2026: इस साल पितृ पक्ष 26 सितंबर से शुरू हुआ है और 10 अक्टूबर तक चलेगा। पितृ पक्ष की हर तिथि किसी न किसी खास श्राद्ध कर्म से जुड़ी मानी जाती है। इस बार मातृ नवमी का श्राद्ध 4 अक्टूबर, रविवार को किया जाएगा। इस दिन किन लोगों का श्राद्ध करना चाहिए और कौन से उपाय किए जा सकते हैं, आगे जानिए…

मातृ नवमी पर किसका श्राद्ध करें?

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, मातृ नवमी पर उन परिजनों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की नवमी तिथि को हुई हो। इसके अलावा परिवार की उन महिलाओं के लिए भी इस दिन श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु सुहागिन अवस्था में हुई थी। इसलिए इसे मातृ नवमी कहा जाता है।

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मातृ नवमी पर कौन से उपाय करें?

1. सुहागिन महिला को भोजन करवाएं

इस दिन किसी सुहागिन ब्राह्मण महिला को घर पर भोजन के लिए आमंत्रित करें। भोजन के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार कुंकुम, मेहंदी, चुनरी, महावर या अन्य सुहाग सामग्री का दान करें। इसके साथ दक्षिणा भी दी जा सकती है।

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2. जरूरतमंदों को भोजन और सामान दें

मातृ नवमी पर वृद्धाश्रम या जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था करें। अपनी क्षमता के अनुसार अनाज, फल, दूध, कपड़े जैसी उपयोगी चीजों का दान भी किया जा सकता है।

3. घर की बुजुर्ग महिलाओं का आशीर्वाद लें

परिवार की बुजुर्ग महिलाओं के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें। उन्हें अपनी सामर्थ्य के अनुसार कपड़े या कोई उपयोगी उपहार देकर सम्मानित करें।

4. बेटी और बहन को भोजन के लिए बुलाएं

विवाहित बहन या बेटी को परिवार सहित घर पर भोजन के लिए आमंत्रित करें। उन्हें वस्त्र आदि भेंट करके सम्मान के साथ विदा करें।

5. घी-गुड़ की आहुति दें

मातृ नवमी के दिन दोपहर 12 बजे से पहले जलते हुए कंडे पर घी और गुड़ की आहुति देने की परंपरा बताई गई है। इस दौरान 'ऊं मातृ देवताभ्यो नम:' मंत्र का जाप करते हुए 5 बार आहुति दें। इसके बाद हाथ में जल लेकर अंगूठे के माध्यम से जमीन पर छोड़ें और मृत परिजनों की शांति के लिए प्रार्थना करें।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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