
Navratri 6th Day Devi Katyayani Puja: शारदीय नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महर्षि कात्यायन की पुत्री होने के कारण देवी का नाम कात्यायनी पड़ा। मां कात्यायनी को साहस और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देवी कात्यायनी की पूजा 16 अक्टूबर, शुक्रवार को की जाएगी। जानें मां मां कात्यायनी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, किस रंग के कपड़े पहनें आदि डिटेल...
सुबह 06:28 से 07:54 बजे तक
सुबह 07:54 से 09:20 बजे तक
दोपहर 11:49 से 12:35 बजे तक (अभिजीत मुहूर्त)
दोपहर 12:12 से 01:38 बजे तक
शाम 04:30 से 05:56 बजे तक
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- 16 अक्टूबर, शुक्रवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करेंय। इसके बाद मां दुर्गा के सामने हाथ में जल, चावल और फूल लेकर पूजा का संकल्प लें।
- घर के मंदिर या किसी साफ जगह पर लकड़ी की चौकी रखें और उस पर मां कात्यायनी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
- घी का दीपक जलाकर देवी को कुमकुम और फूल अर्पित करें। मां को लाल चुनरी, अबीर, गुलाल और लाल फूल चढ़ाएं।
- देवी को लाल चूड़ियां भी अर्पित करें। मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाएं। इसके बाद देवी के मंत्र का जाप करें और श्रद्धा के साथ आरती करें।
- मान्यता है कि मां कात्यायनी की पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। मन को शांत मिलती है और परिवार की खुशहाली बनी रहती है।
- ये है मां कात्यायनी का मंत्र-
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलावरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्यादेवी दानवघातिनी॥
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जय जय अम्बे जय कात्यानी, जय जगमाता जग की महारानी
बैजनाथ स्थान तुम्हारा, वहा वरदाती नाम पुकारा
कई नाम है कई धाम है, यह स्थान भी तो सुखधाम है
हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी, कही योगेश्वरी महिमा न्यारी
हर जगह उत्सव होते रहते, हर मंदिर में भगत है कहते
कत्यानी रक्षक काया की, ग्रंथि काटे मोह माया की
झूठे मोह से छुडाने वाली, अपना नाम जपाने वाली
बृहस्पतिवार को पूजा करिए, ध्यान कात्यानी का धरिये
हर संकट को दूर करेगी, भंडारे भरपूर करेगी
जो भी माँ को 'चमन' पुकारे, कात्यायनी सब कष्ट निवारे।
नवरात्रि के छठे दिन हरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए, इससे गुड लक बढ़ता है। हरा रंग प्रकृति का प्रतीक है तथा विकास, शान्ति एवं स्थिरता की भावना उत्पन्न करता है। हरा रंग जीवन में नई शुरूआत को भी दर्शाता है।
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